ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री चौहान ने भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती पर किया नमन

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत कोकिला श्रीमती सरोजिनी नायडू की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवास कार्यालय सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। श्रीमती सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाली सरोजिनी नायडू भारत कोकिला के नाम से प्रसिद्ध हुई।

श्रीमती सरोजिनी नायडू ने 13 वर्ष की आयु में लेडी ऑफ दी लेक नामक कविता रची। वे वर्ष 1895 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने इंग्लैंड गईं और पढ़ाई के साथ कविताएँ भी लिखती रही। उनके कविता संग्रहों ने उन्हें सुप्रसिद्ध कवियत्री बना दिया। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व किया और जेल भी गयी। श्रीमती नायडू ने संकटों से न घबराते हुए एक वीरांगना की भांति गाँव-गाँव घूमकर देश-प्रेम का अलख जगाती रही।

श्रीमती नायडू के वक्तव्य जनता के हृदय को झकझोर देते थे और देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए प्रेरित करते थे। वे बहुभाषाविद थी और क्षेत्रानुसार अपना भाषण अंग्रेजी, हिंदी, बंगला या गुजराती में देती थी। श्रीमती नायडू का देहांत 2 मार्च 1949 को हुआ। भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ट्वीट किया है – “आदरणीय सरोजि‍नी नायडू जी की जयंती पर कोटिश: नमन। माँ, बहन और बेटियों का सशक्तिकरण ही हम सबकी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।“

Related Articles

Back to top button