Breaking
गैर हिंदू युवक ने नाबालिग को प्रेम जाल में फंसा कर किया दुष्कर्म, FIR के साथ बजरंग दल ने की जमकर धुन... एमडी के नेतृत्व में जिला अस्पताल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, सुविधाओं और बिल्डिंग का बारीकी से कि... बनाएं खसखस का हलवा सर्दियों में आपको रखेगा सेहतमंद 8 बिंदुओं पर पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को शपथ दिलाई ज्यादा खून बह जाने से हुई थी मौत; दोषी प्रेमी को उम्रकैद की सजा काशी के मौसम का मिजाज बदला,सुबह कोहरा रहा अधिक, शाम में गलन छात्र संघ चुनाव निरस्त होने पर प्रदर्शन, छत से कूदे स्टूडेंट्स बोले- रामपुर में भाजपा की जीत से आजम के आतंक का अंत, अखिलेश-शिवपाल दिखावे के लिये अलग थे | Said- Aza... महू-नसीराबाद हाइवे पर जानलेवा गड्डे, ठेकेदार बोला- भूमिपूजन के बाद ही काम शुरू करेंगे भोपाल में लॉयल बुक डिपो में बुक्स, एसी और फर्नीचर जला

सरकारी अस्पतालों में नौकरी को तैयार नहीं डॉक्टर

भोपाल| मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मप्र लोक सेवा आयोग के जरिए डॉक्टरों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। यूपीएससी से चयनित होने के बावजूद डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने के लिए तैयार नहीं हैं। यूपीएससी से सिलेक्टेड 94 डॉक्टरों के नियुक्ति आदेश कैंसिल किए गए हैं। इन्होंने नियुक्ति आदेश जारी होने के एक महीने बाद भी जॉइन नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग के उपसचिव केडी त्रिपाठी ने इन 94 डॉक्टरों के नियुक्ति आदेश कैंसिल कर दिए हैं।
तो शहर में पदस्थापना के लिए आवेदन
यूपीएससी से चयनित करीब 18 से 20 डॉक्टरों ने पारिवारिक कारणों, बीमारी, पति-पत्नी के साथ पोस्टिंग कराने जैसे कारणों का हवाला देकर अपनी पोस्टिंग बदलवाने के लिए आवेदन दिए थे। एक दर्जन डॉक्टरों के आवेदन नामंजूर कर दिए गए थे। 31 जनवरी को 5 डॉक्टरों की पदस्थापना के संशोधित आदेश जारी किए गए थे। अफसरों की माने तो ज्यादातर आवेदन ग्रामीण पीएचसी, सीएचसी से जिला अस्पताल में पोस्टिंग कराने को लेकर आए थे।
23 अगस्त 2021 को 432 डॉक्टर्स की पोस्टिंग की थी
बीते साल 23 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग ने यूपीएससी से चयनित 432 डॉक्टरों की पोस्टिंग की थी। एक महीने के भीतर इन डॉक्टरों को जॉइन करना था। इसे बढ़ाकर 20 अक्टूबर तक जॉइन करने की समय सीमा बढ़ा दी गई थी। 23 अगस्त 2021 को 432 पीएससी सिलेक्टेड डॉक्टरों की पोस्टिंग के ऑर्डर जारी किए गए थे। इसके बाद डॉक्टरों की ओर से स्थान परिवर्तन जैसे आवेदन देने और जॉइनिंग की समयसीमा बढ़ाए जाने जैसे मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को करीब एक दर्जन आदेश जारी करने पड़े। इनमें आधा दर्जन संशोधित आदेश जारी हुए और आखिरकार जॉइन न करने वाले 94 डॉक्टरों की नियुक्ति निरस्त करनी पड़ी।

गैर हिंदू युवक ने नाबालिग को प्रेम जाल में फंसा कर किया दुष्कर्म, FIR के साथ बजरंग दल ने की जमकर धुनाई     |     एमडी के नेतृत्व में जिला अस्पताल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, सुविधाओं और बिल्डिंग का बारीकी से किया निरीक्षण     |     बनाएं खसखस का हलवा सर्दियों में आपको रखेगा सेहतमंद     |     8 बिंदुओं पर पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को शपथ दिलाई     |     ज्यादा खून बह जाने से हुई थी मौत; दोषी प्रेमी को उम्रकैद की सजा     |     काशी के मौसम का मिजाज बदला,सुबह कोहरा रहा अधिक, शाम में गलन     |     छात्र संघ चुनाव निरस्त होने पर प्रदर्शन, छत से कूदे स्टूडेंट्स     |     बोले- रामपुर में भाजपा की जीत से आजम के आतंक का अंत, अखिलेश-शिवपाल दिखावे के लिये अलग थे | Said- Azam’s terror ended with BJP’s victory in Rampur, Akhilesh-Shivpal were different for appearances     |     महू-नसीराबाद हाइवे पर जानलेवा गड्डे, ठेकेदार बोला- भूमिपूजन के बाद ही काम शुरू करेंगे     |     भोपाल में लॉयल बुक डिपो में बुक्स, एसी और फर्नीचर जला     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 8860606201