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मध्यप्रदेश

सामाजिक सरोकारों में सहभागिता के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित करें : राज्यपाल पटेल

भोपाल : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मानव का जीवन कुदरत की सर्वश्रेष्ठ रचना है। प्रकृति ने मानव को दूसरों की सेवा के लिए जरूरी क्षमताएँ प्रदान की हैं। अपनी क्षमता के अनुरूप पिछड़ों को साथ लेकर मानवता की सेवा करने में ही जीवन की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस का प्रसंग विश्वविद्यालय के प्रबंधन, शिक्षक और छात्रों को समाज उपयोगी शिक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ योगदान की प्रतिबद्धता का अवसर है।

राज्यपाल श्री पटेल आज मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने मानसरोवर डेंटल कॉलेज के प्राचार्य श्री गुरुदत्त नायक और मानसरोवर आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अनुराग सिंह आचार्य को सम्मानित किया।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयीन शिक्षा विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, कर्तव्य बोध, नैतिक मूल्य विकसित करने वाली होनी चाहिए। सामाजिक सरोकारों में सह-भागिता के लिए छात्र-छात्राओं को प्रेरित कर, उन्हें जीवन मूल्यों, सत्य-निष्ठा के उच्च मानकों एवं उत्तरदायित्वों के पालन की प्रेरणा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आबादी का एक बड़ा भाग सिकिल सेल रोग से पीड़ित है। सामाजिक सरोकारों की यह प्रमुख चिंता है। यह जन्मजात, जानलेवा रोग बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति समाज में पाया जा रहा है। राज्य सरकार ने रोग के उपचार और प्रबंधन के ठोस प्रयास किए हैं। इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सबका साथ और प्रयास ज़रूरी है। रोग सर्वेक्षण का कार्य तीव्र गति से हो, इसके लिए विश्वविद्यालयों को भी आगे आकर सहयोग करना चाहिए।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा प्रणाली में भारत की परंपरा, विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों, ज्ञान और कौशल विकास में समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया है। नीति की सफलता के लिए विश्वविद्यालय परिसर का वातावरण विद्यार्थी मूलक, विद्यार्थियों की मौलिकता को बढ़ाने, नवाचारों के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन देने वाला होना जरूरी है। विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर, अपनी क्षमता, योग्यता से देश को आत्म-निर्भर बनाने में योगदान देने में सक्षम हों। ग्रामीण, पिछड़े क्षेत्रों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और वंचित वर्गों तक डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया के लाभ पहुँचाने में सहयोगी हो।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि शिक्षा, समाज को सुव्यवस्थित और सुसंगठित बनाने का प्रकल्प है। उन्होंने कहा कि सुव्यवस्थित शिक्षा के लिए शिक्षा संस्थान का सुगठित और सुसंकल्पित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के विकास को गति दी है। साथ ही इतिहास के काले अध्यायों को भी बदलने का कार्य भी किया है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश के मूल आधार और उसकी जड़ों को मज़बूत किया है, जिससे हर विद्यार्थी देश-प्रेम की भावना से ओत-प्रोत हो। राष्ट्र और समाज निर्माण के लिए वह समर्पित हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास क्रम में आज का दिन विशिष्ट है। राज्य को प्रधानमंत्री द्वारा वेस्ट-टू-वेल्थ की सौगात इंदौर में एशिया के सबसे बड़े बॉयो सी.एन.जी. प्लांट के रूप में दी जा रही है। राज्यपाल ने स्थापना दिवस समारोह में राष्ट्रीय भावनाओं की प्रभावी प्रस्तुति के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन को बधाई दी।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई शिक्षा नीति को अपनाने और लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा को नष्ट-भ्रष्ट कर दिया था। उसे प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पुन: प्रतिष्ठित करने का अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र में शिक्षा के आकर्षण और विकर्षणों के बीच संस्थान सुदर्शन के रूप में स्थापित हो रहा है।

प्रारम्भ में प्रति कुलाधिपति इंजीनियर श्री गौरव तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। गरीब और वंचित वर्गों को रियायती दर पर शिक्षा की उपलब्धता की अवधारणा विश्वविद्यालय की स्थापना का मूलाधार है। आभार प्रदर्शन प्रति कुलपति श्री एच.आर. रूहेल ने किया। कुलपति श्री अरुण कुमार पांडे ने नव दीक्षित दंत चिकित्सकों को चरक शपथ दिलाई।

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