ब्रेकिंग
कौन हैं आर श्रीलेखा, जो तिरुवनंतपुरम में बन सकती है BJP की पहली मेयर, रही हैं DGP सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान! लालू यादव की जब्त प्रॉपर्टी पर अब खुलेंगे सरकारी स्कूल, बिहार में मच गया ... हिमाचल में पाकिस्तानी साज़िश! फिर मिला पाकिस्तानी झंडे के निशान वाला गुब्बारा, गुब्बारे पर लिखे थे य... सरकारी कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज? नए लेबर कोड में बड़ा बदलाव, अब हफ्ते में 3 दिन छुट्टी, क्या 4 द... 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' नारे पर मचा बवाल! कांग्रेस की रैली में लगे आपत्तिजनक नारे, BJP का पलटवार- 'क... हिसार-NH पर घने कोहरे के कारण आपस में टकराए कई वाहन, बाल-बाल बची करीब 100 लोगों की जान दरिंदगी की हदें पार: नाबालिगा के मुंह में कपड़ा ठूंस कर किया था किडनैप, फिर जंगल में किया गैंगरेप सोनीपत में किशोर ने अपनी सहपाठी छात्रा से किया दुष्कर्म, शॉपिंग मॉल में ले जाने का दिया था झांसा हरियाणा के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील और होगा स्वादिष्ट, अब बच्चों के खाने में ये चीजें भी होंगी ... देशभर में 6 करोड़ की साइबर ठगी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, कुरुक्षेत्र पुलिस ने छत्तीसगढ़ से पकड़ा
देश

CWC की बैठक के बाद बोले राहुल गांधी- मैं अध्यक्ष के तौर पर नहीं करना चाहता काम

लोकसभा चुनाव में करारी हार के कारणों पर मंथन करने के लिए कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाहर आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैं अध्यक्ष के तौर पर काम नहीं करना चाहता, हालांकि मैं पार्टी के लिए काम करता रहूंगा। दरअसल राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की पेशकश की जिसे सीडब्ल्यूसी ने नामंजूर कर दिया।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन तथा पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान राहुल गांधी ने आम चुनाव में पार्टीकी हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए इस्तीफा देने की पेशकश की लेकिन समिति के सभी सदस्यों ने एकमत से उनसे ऐसा नहीं करने के का आग्रह किया।

कार्य समिति की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। बैठक में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह, पाटी महासचिव केसी वणुगोपाल, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, कैप्टन अमरेंद्रसिंह, शीला दीक्षित सहित लगभग सभी सदस्य मौजूद हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस को इस लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। वह 52 सीटों पर सिमट गई है। 2014 के चुनाव में 44 सीटें जीतने वाली पार्टी को इस बार बेहतर की उम्मीद थी, लेकिन उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।

राहुल गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी ली थी। उसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस जीत कर सत्ता में पहुंची। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तो पंद्रह साल बाद कांग्रेस ने जीत का स्वाद चखा था। लेकिन कुछ ही महीने बाद हुए लोकसभा चुनाव के शुक्रवार को आए नतीजों ने सभी को चौंका दिया। इन तीनों राज्यों में कांग्रेस की बुरी हार हुई। यहां तक कि मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट से कई बार सांसद रह चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपना चुनाव हार गए। गुना सिंधिया परिवार की परंपरागत सीट रही है। सबसे आश्चर्यजनक परिणाम उत्तर प्रदेश में अमेठी लोकसभा सीट का रहा, जहां राहुल गांधी खुद अपना चुनाव हार गए। अमेठी में गांधी परिवार को पहली बार शिकस्त मिली है। इसके साथ उत्तर-पूर्व के ज्यादातर हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस को बुरी हार का सामना करना पड़ा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button