ब्रेकिंग
PM Modi in Indonesia: 'भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी', इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी ने पेश किया 'गंगा-म... Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स... UP ATS Action: लखनऊ NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या घुसपैठियों को 5-5 साल की ... डबरा में सफाई कर्मचारी की संदिग्ध मौत, अपहरण के शक में पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप Khajrana Civil Hospital: जमीन का नहीं हुआ हस्तांतरण, इसलिए अटका खजराना सिविल अस्पताल का काम Haridwar Mansa Devi Temple: राम मंदिर विवाद के बाद मनसा देवी ट्रस्ट सख्त, पुजारियों के लिए बनाए कड़े... Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले क...
धार्मिक

कब से कब तक रहेगा खाटूश्यामजी का लक्खी मेला?

उज्जैन. खाटूश्याम मंदिर समिति ने खाटू मेला 2022 (Khatu Mela 2022) को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस मेले में लाखों भक्तों के आने की अनुमान है। यह राजस्थान के सबसे बडे़ मेलों में से एक है।

इस दौरान खाटू बाबा के दर्शनों के लिए दे ही नहीं विदेश भी भक्त यहां आते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान खाटूश्याम घटोत्कच (Ghatotkach) के पुत्र बर्बरीक (Barbarik) हैं, जिन्होंने भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) के कहने पर स्वयं ही अपना सिर काट लिया था। भगवान श्रीकृष्ण के वरदान स्वरूप ही कलयुग में उनकी पूजा श्याम नाम से की जाती है। आगे जानिए बाबा खाटूश्याम और खाटू मेले से जुड़ी खास बातें.
धर्म ग्रंथों के अनुसार, भीम के बेटे घटोत्कच और दैत्य मूर की बेटी मोरवी के पुत्र बर्बरीक ने घोर तपस्या की और कई दिव्य अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए। उन्होंने अपनी माता से वादा किया था कि वो महाभारत के युद्ध में कमजोर पक्ष का साथ देंगे। उन्होंने कौरवों के लिए लड़ने का फैसला किया। भगवान श्रीकृष्ण जानते थे कि अगर बर्बरीक कौरवों का साथ देंगे तो पांडवों की हार तय है। ऐसे में श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से दान में उसका सिर मांग लिया। बर्बरीक ने खुशी-खुशी अपना शीश दान कर दिया। बर्बरीक के इस बलिदान से प्रभावित होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि वे कलयुग में उनके नाम ‘श्याम’ से पूजे जाएंगे।
1. कोरोना की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए सीकर जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्याम भक्तों को वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य है।
2. कोरोना के चलते इस बार भी भजन संध्या, डीजे व भंडारों पर रोक रहेगी। स्वयंसेवी संस्थाएं सिर्फ पेय पदार्थ वितरित कर सकेंगी।
3. मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। आठ सेक्टर में तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। जिग जैग बैरिकेडिंग, लाइट जैसे इंतजाम श्रीश्याम मंदिर कमेटी की ओर से किए जाएंगे।
4. मेले में आने के लिए आनलाइन पंजीयन जरूरी नहीं है। राजस्थान के श्याम भक्तों के लिए दोनों डोज का प्रमाण पत्र और बाहरी श्याम भक्तों के लिए 72 घंटे तक की आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी रहेगी।

Related Articles

Back to top button