ब्रेकिंग
अनुराग जैन पर मोहन सरकार का भरोसा, एक साल और बढ़ा कार्यकाल डॉग बाइटिंग के लिए बदनाम रतलाम में गई फिर एक जान, कुत्ते के काटने के 28 दिन बाद युवक की मौत MP में दहेज का काला सच, 18 महीने में 719 हत्याएं, हर दिन एक महिला की मौत डुमना एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालित करने RFP जारी, 3 बिंदुओं पर जवाब पेश करे सरकार: हाईकोर्ट अब भोपाल की ट्रेनों में मिलेंगी दूध जैसी सफेद ‘तकिया-चादरें’, मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री से यात्रियों को सा... जबलपुर में ट्रेन में किन्नर बनकर ठगी, RPF ने किया भंडाफोड़ भोपाल-छिंदवाड़ा-इंदौर सहित 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी फिट रहने के लिए सारा तेंदुलकर करती हैं पिलेट्स, जानें इसे करने के जबरदस्त फायदे महाराष्ट्र: शिवसेना के विधायक अमोल खताल पर हुआ हमला, हाथ मिलाने के बहाने किया अटैक कर्नाटक-केरल सीमा पर हुआ भयानक सड़क हादसा, बस के ब्रेक हुए फेल, 6 की हुई मौत
मध्यप्रदेश

महंगाई की मार…कॉपी-किताब का भी बढ़ेगा जब पर भार

भोपाल । दो साल बाद स्कूल खुलने का सिलसिला धीरे-धीरे चालू होने लगा है। अप्रैल में सभी स्कूल पूरी क्षमता से खुलेंगे। इसी कारण बाजार में कॉपी-किताब, पेन-पैंसिल, लंच बॉक्स और पानी की बोतल जेसी डिमांड आने लगी है। दूसरी तरफ कच्चे माल की पर्याप्त आवक न होने से कागज, पेन-पेंसिल जैसे आयटम 15 से 20 फीसदी तक मंहगे हो गए हैं।
दो महीने में सर्वाधिक वृद्धि कागज की कीमत में हुई है। थोक कारोबारी आलोक बंसल ने कहा कि अभी तक रेट 15 रुपए किलो बढ़ चुके हैं। अगले कुछ दिन में 10 रुपए किलो और बढऩे की उम्मीद है। ऐसा कोयला मंहगा होने, कच्चा मटेरियल-रद्दी व कैमिकल की शॉर्टेज होने से हो रहा है। थोक व्यापारी अशोक ने बताया कि रेट इतने बढ़ गए हैं कि हमें 20 रुपए वाली 120 पेज की कॉपी 20 रुपए प्रिंट पर ही दुकानों पर सप्लाई करनी पड़ रही है। घाटे की भरपाई के लिए पेज 120 से घटाकर 104 कर दिए हैं।
स्कूलों की डिमांड बाजार में आ गई है
स्कूलों की डिमांड बाजार में आ गई है। जो पेन अभी तक 10 रुपए एमआरपी पर बिकता था उसकी रेट अब 15 रुपए हो गई है। ए-4 साइज पेपर का पैकेट 150 से 170 रुपए में और सादा कागज 70 से 90 रुपए किलो तक पहुंच गया है। ब्रांडेड कंपनियों के महंगे पेन की कीमतों में भी 20 फीसदी तक वृद्धि हो चुकी है।-विवेक कपूर, थोक स्टेशनरी कारोबारी
अधिकतर स्कूल मार्च अंत तक खुल जाएंगे
दो साल बाद स्कूल खुल रहे हैं। बाजार में नई ड्रेस, कॉपी-किताब और अन्य आयटम की मांग इसी कारण है। नए सत्र में सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए फीस बढ़ेगी।

Related Articles

Back to top button