ब्रेकिंग
Supreme Court Action: महाराष्ट्र में मराठी भाषा नहीं जानने पर लाइसेंस रद्द करने का नियम! सुप्रीम कोर... BJP Booth Strategy Uttar Pradesh: ए, बी, सी और डी कैटेगरी में बंटेंगे बूथ, सरल ऐप से होगा फीडबैक और ... Allahabad High Court News: आजम खान और अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में फैसला सुरक्षित, सजा बढ... Health Minister Irfan Ansari: झारखंड के चार जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री ने क... Jharkhand CM News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निभाई पारंपरिक रस्में, नेमरा गांव में माता की स्मृति म... BIT Mesra Success Story: 400 रुपये हफ्ते से शुरू हुआ सफर, सफाईकर्मी मां की बेटी आरती ने इंजीनियरिंग ... Ranchi City SP Paras Rana: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी, पुलिस ने लोगों से की अफवाहों से दू... Jharkhand Politics: प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करेंगे नितिन नबीन, अमर बाउरी बोले- संगठन को... Mungeli Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले के भाई समेत 3 लोगों ... Jagdalpur News: बस्तर में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट का किया घे...
मध्यप्रदेश

मप्र बजट-भोपाल- वर्ष 2022-23 का बजट भारी हंगामे के बीच पेश

इस बार कोई नया कर नहीं लगाया गया, चाइल्ड बजट भी हुआ पेश
2 लाख 79 हजार 237 करोड़ का कुल बजट प्रस्तुत
भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा में आज विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने 2022-23 का बजट प्रस्तुत किया। हंगामे में बीच वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पढ़ रहे थे और कांग्रेस विधायक आसंदी के सामने जाकर लगातार नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में एक साल में साढ़े पांच लाख लोग बेरोजगार हो गए। बिजली के बिल के नाम पर सरकार लोगों को जेल में डालने का काम कर रहे हैं। किसान भी परेशान हैं। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश की जनता बजट भाषण सुनना चाहती है। बजट भाषण शांति से सुने। इसके बाद इस पर चर्चा हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा-बजट भाषण हो जाने दीजिए। ऐसा नहीं होगा तो कांग्रेस की छवि खराब होगी। बजट के बाद जितना विरोध करना है कर लेना। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विपक्ष को यह भी नहीं बता कि बजट का विरोध कब करना चाहिए। उन्होंने कहा बजट पेश हुआ नहीं और उसके पहले ही विरोध शुरु हो गया। इससे पहले वित्तमंत्री ने जैसे ही भाषण शुरू किया तो विपक्ष के विधायक हंगामा और नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। विपक्ष की नारेबाजी तब तक चलती रही जब तक की पूरा बजट भाषण समाप्त नहीं हो गया। नए बजट में प्रदेश की जनता पर इस वर्ष कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और न ही में कोई टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव है। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री जगदीश देवडा ने कहा सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 20प्रतिशत से बढ़ाकर 31प्रतिशत किया जाएगा। साढ़े सात लाख कर्मचारियों को इसका फायदा होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में 13 हजार टीचर्स की नियुक्ति की जाएगी, सागर और उज्जैन में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।

एमबीबीएस/नर्सिंग की बढेगी सीटें
एमबीबीएस  की 2035 से बढ़ाकर 3250 सीट की जाएंगी। नर्सिंग की 50 और सीटें बढ़ाकर 320 की जाएंगी।भोपाल, इंदौर, जबलपुर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर 217 इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। भोपाल के बगरोद और बैरसिया में उद्योग पार्क बनेंगे। स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना की जाएगी।जनजाति विकास निगम बनेगा। गायों की सेवा के लिए नई योजना शुरू की जाएगी।बुरहानपुर जिले के हर घर को नल-जल की सुविधा मिल रही है। यह पहला जिला बन गया है।अजा वित्त विकास निगम के लिए 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ओबीसी के लिए पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है। सागर, शाजापुर, उज्जैन में सोलर प्लांट लगेंगे।उद्यानिकी फसलों के लिए एक लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी।

दुग्ध उत्पादन योजना के लिए 1050 का प्रावधान
दुग्ध उत्पादन योजना शुरू होगी। इसके लिए 1050 का प्रावधान है। प्रदेश में घर-घर पशु चिकित्सा सेवा शुरू होगी। मछली पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावना है। मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना शुरू होगी। इसके लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।13000 टीचर्स की नियुक्ति की जाएगी। 11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।अजा-अजजा और ओबीसी की महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी काम किए जा रहे हैं। यह काम स्व-सहायता समूहों के जरिए हो रहा है। इनको 2000 करोड़ रुपए का क्रेडिट दिया जाएगा। 31 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। 10 हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया है। भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क शुरू हो रहे हैं, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क को मंजूरी दी गई है। उघोगों को रियायती दरां पर रियायत पर जमीन दी जाएगी।

11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे
राज्‍य में 11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे 11 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर विकसित होंगे। भारी हंगामें के बीच वित्त मंत्री वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कियह बजट आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का संकल्प है। उन्होंने कहा-सरकार पूरी तरह से अन्नदाताओं के साथ है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता 43 लाख हेक्टेयर में पहुंची है। 48 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था। 21 हजार करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दी गई। 2500 करोड़ बिजली सब्सिडी देने का प्राविधान। 4000 किमी सड़के बनाने का लक्ष्य इस साल। अटल प्रगति पथ का काम शुरू हो चुका है। 2020-21 में राजकोषीय घाटा 49869.29 करोड़ रुपए रहा, 2021-22 में राजस्व घाटा 5701.14 करोड़ रुपये रहने की संभावना है। 2021-22 में राजस्व प्राप्तियों का पुनरीक्षित अनुमान 171697.24 करोड़ है जो बजट अनुमान 164677.45 करोड़ से 4.26 प्रतिशत अधिक है।

360 स्कूल खोलने का लक्ष्य
सीएम राइज योजना के तहत मध्य प्रदेश 360 स्कूल खोलने का लक्ष्य है। मध्य प्रदेश के सागर, शाजापुर और उज्जैन में सोलर प्लांट बनेंगे। वित्तमंत्री ने कहा मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर नए रोजगार शुरू किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में 31 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा, इसके लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया है। प्रदेश के खिलाड़‍ियों के लिए सरकार लगातार बेहतरी का प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 12 हजार खिलाड़‍ियों की प्रतिभागिता का अनुमान है। प्रदेश में नवीन हवाई पटिट्यों का निर्माण कार्य जारी।

युवाओं को मिलेगा रोजगार ऋण
युवाओं को रोजगार ऋण प्रदान किया जाएगा। मध्य प्रदेश में मछली उत्पादन बढ़ा है। यह 3776 करोड़ रुपए के घाटे का बजट है। मध्य प्रदेश सरकार 48,800 करोड़ रुपये सरकार अधोसंरचना पर खर्च करेगी। सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना हेतु 10345 रुपए का प्राविधान है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में पीपीपी माडल पर 217 इलेक्ट्रॉनिक व्‍हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। तीन हजार किमी की नई सड़कें बनेंगे। एक हजार 250 किमी सड़क का नवीनीकरण होगा। 88 पुल-पुलियों का निर्माण किया जाएगा। सरकारी भवनों के निर्माण के लिए नई कंपनी बिल्डिंग डेवलपमेंट कार्पोरेशन का गठन किया जाएगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए क्वालिटी एश्योरेंस काउंसिल का गठन। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2000 करोड़ों रुपए का प्राविधान है, निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 1450 करोड़ रुपए का प्राविधान है।

एक हजार 200 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य
आंगनवाड़ी सेवाएं और पोषण मिशन के लिए 1192 करोड़ रुपए का प्राविधान है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक हजार 200 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। नगरीय सड़कों के लिए बजट में 608 करोड़ रुपय का प्राविधान है।वित्त मंत्री ने कहा, मध्य प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष 2011-12 से 2021-22 की अवधि में स्थिर भावों पर 7.09 प्रतिशत औसत वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में 48 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की गई। अब 4 हजार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य है। वित्तमंत्री ने बजट भाषण में कहा, प्रदेश में राजस्व घाटा 18356.22 करोड़ रुपये रहा। जल-जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाया गया है। बुरहानपुर जिले में हर घर को नल से जोड़ा गया। जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों में विकास की रफ्तार बढ़ी है। मध्य प्रदेश की फसलों को जीआइ टैग दिलाने का प्रयास जारी है। गोव संवर्धन के लिए मध्य प्रदेश में नई योजनाए शुरू की जाएगी।

बजट के मुख्य बिंदु
कुल विनियोग की राशि रुपए 2,79,237 करोड़ एवं कुल शुद्ध व्यय रुपए 2,47,715 करोड़ का प्रावधान, राजस्व घाटा रुपए 3,736 करोड़ सकल राज्य घरेलू उत्पाद से राजकोषीय घाटे का 4.56 प्रतिशत अनुमानित अनुमानित राजस्व प्रातियां रुपए 1,95,180 करोड़ है, जिसमें राज्य के स्वयं के कर की राशि रुपए 72,860 करोड़, केन्द्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा रुपए 64,107 करोड़, करेत्तर राजस्व रुपए 13,618 करोड़ एवं केन्द्र से प्राप्त सहायता अनुदान रुपए 44,595 करोड़ शामिल वर्ष 2022-23 में वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में राज्य स्वयं के कर राजस्व में 13प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित वर्ष 2022-23 में वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में राजस्व व्यय में 12प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित, वर्ष 2022-23 में वर्ष 2021-22 के पुनरीक्षित अनुमान की तुलना में पूंजीगत व्यय में 20.7प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित वर्ष 2022-23 में पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.2 प्रतिशत अनुमानित . वर्ष 2022-23 में राजस्व घाटा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का -0.32 प्रतिशत . वर्ष 2022-23 में ब्याज भुगतान कुल राजस्व प्राप्तियों का 11.4प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (सब स्कीम) हेतु रुपए 26,941 करोड़. अनुसूचित जाति (सब स्कीम) हेतु रुपए 19,020 करोड़. सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना हेतू रुपए 10345 करोड़ का प्रावधान. प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु रुपए 10000 करोड़ का प्रावधान. जल जीवन मिशन (जे जे एम) नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वाटर मिशन हेतु र6300 करोड़ का प्रावधान माध्यमिक शालायें हेत रुपए 6212 करोड का प्रावधान, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन हेतु रुपए 1144 करोड़ का प्रावधान, नहर तथा उससे संबंधित निर्माण कार्य हेतु रुपए 1074 करोड़ का प्रावधान, १५वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार स्थानीय निकायों को अनुदान हेतु रुपए 1034 करोड़ का प्रावधान, सहकारी बैंकों को अंशपूंजी हेतु रुपए 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

Related Articles

Back to top button