ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
मध्यप्रदेश

विदिशा में डूबे हुए 3 बच्चो को एनडीआरएफ ने 2 दिन के अथक प्रयास के बाद निकाला

विदिशा  कमान्डेंट  मनोज कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में 11 वीं वाहिनी भोपाल की टीम विदिशा में डूबे हुए 3 बच्चो को बचाने के क्रम में रेस्क्यू आपरेशन 13 मार्च से जारी रखी हुई थी , मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा सूचना प्राप्त होते ही  एनडीआरएफ भोपाल  की  22 सदस्य टीम दिनांक 13 मार्च को  निरीक्षक राजेश कुमार मीणा के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुचीं। एनडीआरएफ की टीम के पहुंचते ही टीम ने आपरेशन शुरू कर दिया तथा 3 दिनों के कठिन प्रयास के पश्चात तीनो बच्चो की बॉडी ताल से दिनांक 15 तक  निकाल ली  गई ।

जैसा कि विदित हो रविवार की शाम मेला देखने का मन बनाकर निकले तीन किशोर मस्ती के मूड में उदयगिरी के पास बैस नदी पर बने स्टॉपडेम के पास जा पहुंचे थे। यहां कपड़े उतारकर नहाने गए और फिर वहीं एक-एककर तीनों डूब गए। अधिकारियों की मानें तो इनमें से एक ने नए जूते पहन रखे थे, खेल-खेल में जब एक नया जूता पानी में बहा तो एक किशोर उसे पकडऩे पानी में आगे बढ़ा, लेकिन वह आगे चलकर पानी में समा गया। उसे बचाने के प्रयास में उसके दो साथी भी पानी में समा गए। रविवार की शाम से तीनों को बैस नदी में तलाशने की मुहिम शुरू हुई। सुबह एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ ही स्थानीय होमगार्ड टीम ने भी मशक्कत की। सुबह 8.07 बजे 16 वर्षीय विशेष श्रीवास्तव पिता – बृजेश श्रीवास्तव और फिर 8.16 बजे 17 वर्षीय आशीष लखेरा पिता – कृष्णा गोपाल लखेरा का शव बैस नदी में ही स्टॉपडेम से करीब 50 मीटर आगे निकाला गया। इसी क्रम में आखिरी डेड बॉडी को लगातार खोजने प्रक्रिया जारी रखी गई और अंततः दिनांक 15/03/22 को आखिरी शव जिसका नाम सक्षम विश्वकर्मा  पिता – भीकम विश्वकर्मा था को   सुबह 08: 46 मिनट पर एन०डी०आर०एफ द्वारा निकाल लिया गया । विभिन्न एजेंसिया इन को खोजने के लिए दिनांक 13/03/22 से लगी हुई थी जिनमे, एन०डी०आर०एफ, एस०डी०आर०एफ और होम गार्ड के जवान दिन रात एक करते हुए इस आपरेशन में शामिल थे ।

Related Articles

Back to top button