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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 2018 के बाद पहली बार बढ़ाईं ब्याज दरें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में एक चौथाई फीसदी की वृद्धि की और इस साल इस तरह की छह और बढ़ोतरी का संकेत दिए हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने 2018 के बाद पहली बार अपनी दर बढ़ाई है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट या 0।25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक में लिए गए इस नए फैसले से साल के अंत तक यूएस फेड की नीति दर 1।75 फीसदी और 2 फीसदी के बीच होगी। चार दशकों में सबसे तेज मुद्रास्फीति से निपटने के लिए फेड ने अभियान शुरू किया है, भले ही आर्थिक विकास के लिए जोखिम बढ़ गया हो। वहीं अनुमान है कि साल 2023 में मुख्य दरें 2।8 प्रतिशत तक पहुंच सकती हैं।

अमेरिका में ब्याज दर में बढ़ोतरी से घरेलू मुद्रा कमजोर हो जाती है और बॉन्ड यील्ड में तेजी आती है क्योंकि वैश्विक फंड डॉलर की निश्चित आय वाली परिसंपत्तियों में स्थानांतरित हो जाते हैं, जो अधिक आकर्षक हो जाते हैं। रूस यूक्रेन संकट के साथ महंगाई में और उछाल आने की आशंका बन गई है जिसे देखते हुए पहले से ही माना जा रहा था कि फेड दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि बाजार में अनिश्चितता इस बात पर थी कि फेड की दरें बढ़ाने की रफ्तार कितनी तेज रहेगी।

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