सूर्य देव की पूजा से जीवन में प्राप्त कर सकते हैं सफलता और स्वास्थ्य, इस मंत्र का 11 बार जप कर दें सूर्य को अर्ध्य …

रायपुर. संसार में प्रत्येक कण नियमबद्ध होकर इस सृष्टि को चलायमान रख रहे हैं. यदि सूर्य इत्यादि ग्रह पूर्ण अनुशासन, व्यवस्था और नियमितता का पालन करते हैं. वहीं, मनुष्य कर्म के नियमों द्वारा निश्चित और सुनियोजित है. वैदिक दर्शनों में ‘‘यथा पिण्डे तथा ब्रहाण्डे’’ का सिद्धांत प्रचलित है, जिसके अनुसार सौर जगत में सूर्य और चंद्रमा आदि ग्रहों की विभिन्न गतिविधियों और क्रिया कलापों में जोे नियम है, वही नियम मानव शरीर पर है.
ज्योतिष में ग्रहों का दूषित प्रभाव दूर करने के अनेक उपाय हैं. जिस प्रकार सूर्य या चंद्रमा अपने मार्ग पर सीधे और समय पर चलते हैं या जिस प्रकार ऋतुएं अपना प्रभाव समय पर दिखाती हैं तो जीवन सुचारू होता है यदि व्यक्ति अपने जीवन में अनुशासन रखें तो कोई रोग, कोई असफलता तथा हानि संभव ही नहीं है. अतः जीवन में सर्वोपरी सत्ता अनुशासन की है.
अतः जीवन में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को रवि के उपाय करने चाहिए, अपने जीवन में सुचिता का पालन करना, कठोर प्रयास करना चाहिए. क्योंकि इस माह से सूर्य की उर्जा में वृद्धि होती है और सूर्य की पूजा करने तथा सूर्य जैसे अनुशासन का पालन करने से जीवन में सफलता और स्वास्थ्य की प्राप्ति की जा सकती हैं. अतः सूर्य की प्रसन्नता के लिए सूर्य को अघ्र्य देना चाहिए. सूर्य में ओम धृणि सूर्याय नमः का 11 बार जप कर सूर्य को जल देना चाहिए. इसके अलावा गाय को गुड़ रोटी खिलाना चाहिए.






