Chandigarh News: रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल बदलाव पर जनता की कड़ी आपत्ति, मास्टर प्लान की प्रक्रिया पर गरमाई सियासत

चंडीगढ़ प्रशासन की हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी द्वारा हाल ही में “मास्टर प्लान 2031” में प्रस्तावित पहले संशोधन को हरी झंडी दे दी गई है, लेकिन चीफ सेक्रेट्री एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में हुई पब्लिक हियरिंग के आधार पर तैयार ड्राफ्ट पर अब बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं. आरटीआई से हुए खुलासे के अनुसार, जन-सुनवाई में जितने भी लोग शामिल हुए, उनमें से करीब 80 प्रतिशत लोगों ने प्रस्तावित बदलावों पर कड़ी आपत्ति जताई है, इसके बावजूद कमेटी ने इसे मंजूरी दे दी है.
📊 2. आरटीआई एक्टिविस्ट आरके गर्ग का बड़ा दावा, रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल बदलावों को लेकर लोगों में भारी असंतोष
चंडीगढ़ निवासी और आरटीआई एक्टिविस्ट राम कुमार (आरके) गर्ग द्वारा हासिल की गई जानकारी के मुताबिक, पब्लिक हियरिंग में केवल 181 लोगों ने आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवाए थे. इनमें से रेजिडेंशियल खंड में बदलाव के खिलाफ 57 और पक्ष में सिर्फ 8 लोग रहे. वहीं, इंडस्ट्रियल खंड में बदलाव का भारी विरोध हुआ, जहां 162 लोगों ने आपत्ति जताई जबकि केवल 15 लोग पक्ष में थे. इसके अलावा स्क्रीनिंग कमेटी ने समीक्षा के दौरान 137 लोगों के अभ्यावेदनों को बाहर कर दिया, जिससे जनता में नाराजगी है.
⚠️ 3. समय पर जानकारी छुपाने का आरोप, गवर्नर से गुहार लगाने की तैयारी और विभिन्न फेजों की स्थिति स्पष्ट
आरटीआई एक्टिविस्ट ने विभाग पर समय से जानकारी न देने और हेरिटेज कमेटी की रिपोर्ट को मीटिंग में मसौदा पास होने के बाद 18 सितंबर को जारी करने का गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कमेटी को डर था कि रिपोर्ट पहले सार्वजनिक होने पर और अधिक विरोध सामने आता. मास्टर प्लान के तहत फेज-1 पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, फेज-2 में स्टिल्ट पार्किंग केवल नए सरकारी फ्लैट्स को मिलेगी, जबकि फेज-3 में अधिक ऊंचाई और एफएआर के प्रावधानों पर मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर की स्टडी कराई जाएगी.





