इंदौर में 5 मंजिला इमारत को ऊपर की बजाय नीचे से तोड़ रहे थे निगमकर्मी, पोकलेन पर गिरी बिल्डिंग मौत से बचा ड्राइवर

अवैध निर्माण करने वाले पर भी हो गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
इंदौर। इंदौर में नगर निगम की टीम का अजब कारनामा सामने आया है। जो हादसे का सबब बन गया। दरअसल इंदौर नगर निगम की टीमएक अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने पहुंची थी। पोकलेन मशीन से एक बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा था। यहां अजब बात ये रही कि बिल्डिंग को ऊपर की बजाय नीचे की ओर से तोड़ा जा रहा था। जिसके चलते बेस कमजोर होते ही बिल्डिंग पोकलेन पर जा गिरी। ये हादसा कैमरे में कैद हो गया। इस घटना में पोकलेन के ड्राइवर का बुरी तरह घायल हो गया।
हादसे को लेकर प्रतिभा पाल, आयुक्त नगर निगम ने कहा कि बीआई और बीओ को नोटिस जारी किया जाएगा। अपर आयुक्त संदीप सोनी पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे। घायल कर्मचारी का पूरा उपचार निगम करवाएगा। निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि ग्रेटर ब्रजेश्वरी के अवैध निर्माण में गलत तरीके से नक्शा स्वीकृत करने पर तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच की जाएगी। दरअसल इंदौर नगर निगम की टीम गुरुवार सुबह ग्रेटर ब्रजेश्वरी में बनी अवैध बिल्डिंग को गिराने पहुंची थी। रिमूवल की कार्रवाई के दौरान दोपहर में बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा पोकलेन मशीन पर आ गिरा। इसमें मशीन का आगे का हिस्सा पूरी तरह से दब गया। पोकलेन चालक का केबिन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। ड्राइवर के दोनों पैर मलबे में दब गए। जिसके बाद वहां काम कर रहे निगम के कर्मचारियों ने मलबा हटाकर ड्राइवर को बाहर निकाला। ड्राइवर का एक पैर पूरी तरह से कुचल गया। उसे इलाज के लिए बॉम्बे अस्पताल के ICU में भर्ती कराया है।
नगर निगम की उपायुक्त लता अग्रवाल के साथ रिमूवल विभाग का अमला 193, ग्रेटर ब्रजेश्वरी पर पहुंचा था। वहां नरोत्तम सबनानी और ममता सबनानी के संयुक्त नाम से बनी इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। निगम की टीम ने इस जी प्लस-2 इमारत के हिस्सों को जेसीबी की मदद से ढहाना शुरू किया। काफी हिस्सा गिराया जा चुका था। लेकिन ऊपरी हिस्से को जेसीबी से तोड़ने में आ रही दिक्कतों के चलते निगम के अफसरों ने वर्कशॉप विभाग से बड़ी पोकलेन बुलवाई। यहां ड्राइवर सजल लाल ने नीचे के पूरे हिस्से को कच्चा कर दिया था। इस दौरान ऊपरी छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
मौके पर मौजूद थे BEO और BO
सुबह कार्रवाई शुरू होने के समय निगम की उपायुक्त लता अग्रवाल पहुंची थी। लेकिन अधिकतर हिस्सा गिरने के बाद दोपहर तक वह चली गईं। इस दौरान BEO शैलेन्द्र मिश्रा और BO गजल खन्ना वहीं मौजूद थे। उनके सामने पूरा हादसा हो गया। निगम के अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतने की बात सामने आ रही है। सूचना के बाद मौके पर अपर आयुक्त संदीप सोनी भी पहुंचे थे।
झोन 13 के सर्वानन्द नगर पर निगम मौन
इंदौर नगर निगम की नाकामी स्किम 140 से उजागर हुई है। अवैध निर्माणों को तोड़ने पहुंची निगम की टीम खुद दुर्घटना का शिकार हो चुकी है। इसके बावजूद अवैध घोषित हो चुके झोन 13 के भंवरकुआं स्तिथ अवैध निर्माणों पर अब तक कार्यवाही नही हो रही है। यहां अवैध निर्माणों में लिप्त बिल्डर नेताओं और अफसरों के संरक्षण में फल फूल रहे है।






