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BJP प्रवक्ता से लेकर भारत के वित्त मंत्री तक, ऐसा रहा अरुण जेटली का राजनीतिक सफर

नई दिल्लीः पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का दिल्ली के AIIMS अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। AIIMS ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे बेहद दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि 24 अगस्त को 12 बजकर 7 मिनट पर माननीय सांसद अरुण जेटली ने आखिरी सांस ली। उन्हाेंने 9 अगस्त 2019 को भर्ती कराया गया था। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के साथ मोदी सरकार में भी अरुण जेटली कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली हैं।

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2019 काे चुनाव ताे नहीं लड़ा, लेकिन फिर भी उन्हाेंने माेदी सरकार काे पूरा स्पाेर्ट किया था। अरुण जेटली पिछली सरकार में मंत्री रह चुके थे, तो नई सरकार में भी उन्हें वही सुख सुविधाएं मिलीं जो उन्हें पूर्व की सरकार में हासिल हुईं थीं। बता दें, अरुण जेटली के सरकारी आवास पर रोजाना 25 अखबार आया करती थी।

अरुण जेटली ने खुद पीएम मोदी को पत्र लिखा और कहा था कि वह अब अपने स्वास्थ्य के कारण अधिक समय तक सक्रिय राजनीति में नहीं रह सकते हैं। इसके बाद भी पीएम माेदी उनके घर खुद गए थे और उनसे नई सरकार में पद ग्रहण करने के लिए कहा था, लेकिन जेटली ने मना कर दिया था। ताे चालिए जानते हैं, अरुण जेटली के राजनीतिक सफर के बारे में कुछ अहम बातें-
– उन्हाेंने 1977 में जनसंघ में शामिल हुए, इसी साल उन्हें एबीवीपी के अखिल भारतीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया।

– 1980 में वह भाजपा के युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने।

– 1991 में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने।

– अरुण जेटली काे 1999 में भाजपा प्रवक्ता बनाया गया।

– यहां तक की 1999 में ही वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने। राम जेठमलानी के इस्तीफे के बाद उन्हें कानून, न्याय, जहाजरानी और कंपनी मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।

– 2000 में पदोन्नत होकर कैबिनेट मंत्री बने।

– अरुण जेटली काे 2002 में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव बनाया गया।

– 2009 में राज्यसभा में विपक्ष के नेता बने।

– इसके बाद उन्हें 2014 में आम चुनावाें में हार का मुंह देखना पड़ा और वह अमरिंदर सिंह (कांग्रेस उम्मीदवार) से हारे थे।

– इसी साल उन्हाेंने 2014 में वित्त मंत्री बने, रक्षा मंत्रालय और सूचना-प्रसारण मंत्रालय भी संभाला।

– अरुण जेटली कभी भी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे।

– उन्हें 13 मार्च 2017 से 3 सितंबर 2017 तक वह रक्षामंत्री रहे।

– अरुण जेटली 2018 में उत्तर प्रदेश से चौथी बार राज्यसभा सांसद चुने गए।

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