ब्रेकिंग
छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं को सेवा संस्कार अप... राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ...
देश

65 साल बाद फिर अप्रैल में आया बरकतों का महीना रमजान, इस बार 3 अप्रैल को पहला रोजा

 Ramadan Mubarak 2022: वर्ष 1957 (1376 हिजरी) में मतलब 65 साल पहले अप्रैल के महीने में रमजान का पवित्र महीना रहमत और बरकतें लेकर आया था। मगरिब यानी शाम को सूरज डूबने के बाद चांद का दीदार किया गया था। इस्‍लामिक कैलेंडर के अनुसार इस दिन रमजान की पहली तारिख थी। तेज धूप और गर्मी के दौरान चांद का दीदार कर पूरे महीने रोजदारों (उपवास रखने वाले) रमजान के रोजें रखे थे। एक बार फिर अप्रैल के महीने में ही वर्ष 2022 (1443 हिजरी) में रमजान का मुबारक महीना खुशियों के साथ रहमत और बरकत लाया है।

शनिवार की शाम रायपुर में छत्‍तीसगढ़-ए-काजी हजरत सैयद रईस अहमद अशरफी जिलानी और इदारे शरिया इस्‍लामिक कोर्ट ने पूरे छत्‍तीसगढ़ में सबसे पहले चांद देखने की तस्‍दीक (पुष्टि) कर दी है। उन्‍होंने कहा कि शनिवार को पहली तरावीह की नमाज अदा की जाएगी। रविवार यानी 3 अप्रैल को पहला रोजा रखा जाएगा।

मुस्लिम समाज के बुजुर्गों ने बताया कि उस दौर में उतनी सुविधाएं नहीं थी, जितनी इस दौर में है, लेकिन रमजान को लेकर उतनी शिद्दत आज भी है, जितनी उस दौर में हुआ करती थी। खास बात यह है कि चाहे जैसा भी मौसम हो रमजान का समाज के बच्चों, बुजुर्गों के साथ सभी वर्गों के बेसब्री से इंतजार रहता है। इसकी खास वजह यह है कि इस महीने में अल्लाह अपने बंदों की एक नेकी के बदले कई गुना सवाब (पुण्य) देता है। इस बार भी कौम ने पहले से मिजाज बनाकर रखा है कि चाहे मौसम की जीतनी तल्खी हो, हम उतने ही शिद्दत से रोजे रखकर अपने रब को राजी करेंगे

रमजान को लेकर सज गए बाजार

वहीं पूरी दुनिया समेत राजधानी रायपुर में भी रमजान के लिए जरूरी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। शहर में रमजान को लेकर बाजार सज गए हैं। मस्जिदों में भी जिम्मेदारों ने साफ-सफाई से लेकर अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। लाइटों से मस्जिदों को सजाया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button