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NEET 2026 धांधली: परीक्षा से 3 दिन पहले लीक हुए थे पेपर! CBI चार्जशीट में NTA विषय विशेषज्ञों और सीकर कनेक्शन का खुलासा

नई दिल्ली: नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) परीक्षा के बहुचर्चित पेपर लीक प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल की गई विस्तृत चार्जशीट से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।

जांच एजेंसी का आधिकारिक दावा है कि आधिकारिक परीक्षा आयोजन से ठीक तीन दिन पूर्व ही प्रश्नपत्र लीक कर दिए गए थे। इन लीक प्रश्नों को व्हाट्सएप (WhatsApp), टेलीग्राम (Telegram) तथा विशेष ऑफलाइन कक्षाओं के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था। सीबीआई के अनुसार इस समूचे अंतरराज्यीय नेटवर्क में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से संबद्ध कुछ विषय विशेषज्ञ, निजी कोचिंग संस्थानों के संचालक, बिचौलिए व संगठित भू-माफिया सक्रिय रूप से शामिल थे।

🧪 पुणे में चलीं केमिस्ट्री की ‘स्पेशल क्लासेज’, NTA एक्सपर्ट पीवी कुलकर्णी पर लगा गोपनीयता भंग करने का आरोप

सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, केमिस्ट्री विषय के विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी ने एनटीए के साथ गोपनीयता की सख्त शपथ लेने के बावजूद 25 से 27 अप्रैल के मध्य महाराष्ट्र के पुणे में गुप्त रूप से “स्पेशल क्लास” संचालित की।

इन क्लासों में शामिल अभ्यर्थियों को कथित तौर पर वही बहुविकल्पीय प्रश्न और उत्तर लिखवाए गए, जो बाद में नीट की मूल परीक्षा में पूछे गए थे। लातूर में भी कुछ चुने हुए छात्रों को इसी प्रकार की विशेष क्लास दी गई। सीबीआई ने ‘माय गेट’ (My Gate) ऐप के डिजिटल एंट्री रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर पुष्टि की है कि छात्र कुलकर्णी के आवास पर पहुंचे थे। अभ्यर्थियों की नोटबुक में हस्तलिखित सवाल और लीक हुए प्रश्नपत्र का शत-प्रतिशत मिलान पाया गया है। इसके अतिरिक्त कुलकर्णी के मोबाइल से केमिस्ट्री के प्रश्नों की तस्वीरें तथा माता-पिता से वित्तीय लेन-देन की चैट बरामद की गई हैं।

📱 25 हजार रुपये में लीक हुए फिजिक्स के सवाल, मनीषा हवालदार और मनीषा वाघमारे की भूमिका उजागर

जांच में यह भी तथ्य उजागर हुआ है कि केमिस्ट्री का पेपर लीक कराने के उपरांत आरोपी कुलकर्णी ने फिजिक्स का पेपर भी हासिल करने का प्रयास किया था।

फिजिक्स विषय की विशेषज्ञ मनीषा हवालदार पर संगीन आरोप है कि उन्होंने गोपनीयता का उल्लंघन करते हुए मात्र 25 हजार रुपये के एवज में फिजिक्स के सवाल लीक किए। परीक्षा से आठ दिन पूर्व उनके मोबाइल में हाथ से लिखे प्रश्न पाए गए, जिन्हें उन्होंने सह-आरोपी तेजस शाह को प्रेषित किया था। वहीं, मनीषा वाघमारे संपूर्ण सिंडिकेट में अभ्यर्थियों और विषय विशेषज्ञों के बीच मुख्य सूत्रधार (कड़ी) का काम कर रही थीं। उन्होंने अभिभावकों से 4 लाख रुपये तक ऐंठकर छात्रों को ऑफलाइन कोचिंग में भेजा और बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से फिजिक्स के सवाल डिलीवर किए। परीक्षा में वही सवाल आने पर अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मांग भी रखी गई थी।

⚽ ‘FIFA World Cup 2026’ नाम से बने गुप्त व्हाट्सएप ग्रुप, सीकर के कोचिंग नेटवर्क से बांटी गई PDF

सीबीआई जांच में बायोलॉजी की विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंडारे की भूमिका भी सामने आई है, जिन्होंने अपने घर पर बायोलॉजी की क्लास लगाकर नई एनसीईआरटी (NCERT) किताबों में खास पैराग्राफ चिह्नित करवाए थे।

दूसरी ओर, राजस्थान के सीकर स्थित एक बड़े कोचिंग सिंडिकेट के जरिए लीक प्रश्नपत्र बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों में वितरित किया गया। 2 मई की मध्यरात्रि परीक्षा से ठीक पूर्व पीडीएफ (PDF) फाइल 40 से 50 छात्रों के बीच साझा की गई। पहचान छिपाने के लिए गिरोह ने “NEET 2026” और “FIFA World Cup 2026” नामक सांकेतिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे। एनटीए के मास्टर प्रश्नपत्र सेट के लिए ‘कैलाश’ एवं ‘शिवालिक’ जैसे कोड नामों का प्रयोग किया गया था, जबकि एक बिचौलिए का नंबर “AP Broker” नाम से सेव पाया गया।

🏛️ अक्टूबर 2025 से रची जा रही थी साजिश, दिल्ली विश्वविद्यालय की रिपोर्ट ने की 100% मिलान की पुष्टि

चार्जशीट के अनुसार, नीट पेपर लीक की यह साजिश अक्टूबर 2025 से ही रची जा रही थी, जिसके तहत अभिभावकों से किश्तों में लाखों रुपये ऐंठे गए।

सीबीआई ने एनटीए की सुरक्षा प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र निर्माण व अनुवाद के दौरान एक ही विशेषज्ञ को चारों मास्टर सेट देखने की अनुमति थी, विशेषज्ञों की शारीरिक तलाशी नहीं ली जाती थी और न ही कोई केंद्रीय कंट्रोल रूम मौजूद था। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्वतंत्र विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट में बायोलॉजी के लीक प्रश्नों का मूल पेपर से 90% और केमिस्ट्री के सेटों का 100% तक सटीक मिलान प्रमाणित हुआ है।

⚖️ दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत, संज्ञान और धाराओं पर सुनवाई जारी

3 मई 2026 को नीट परीक्षा समाप्त होते ही सीकर के एक केमिस्ट्री शिक्षक ने लीक पीडीएफ और मूल प्रश्नपत्र का मिलान कर एनटीए महानिदेशक को आधिकारिक ईमेल प्रेषित किया, जिसके बाद यह राष्ट्रीय घोटाला उजागर हुआ।

वर्तमान में दिल्ली की फास्ट ट्रैक अदालत (Fast Track Court) में सीबीआई की इस विस्तृत चार्जशीट पर विधि-सम्मत सुनवाई जारी है। अदालत अब यह तय करेगी कि आरोपियों के विरुद्ध किन-किन दंडनीय धाराओं के तहत संज्ञान लिया जाए और मुकदमों का ट्रायल किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए।

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