ब्रेकिंग
Punjab High Court Notice to Govt: डीए/डीआर भुगतान में विफलता पर मुख्य सचिव तलब; तरुण चुग का मान सरका... Jalandhar BJP News: जालंधर में भाजपा बस्ती बावा खेल मंडल की नई टीम घोषित; मिशन 2027 को लेकर कार्यकर्... Punjab UDISE Survey 2026-27: यूडाइस सर्वे के काम में देरी पर शिक्षा विभाग सख्त; 30 सितंबर तक अल्टीमे... Punjab Crime News: गुरदासपुर केंद्रीय जेल में कैदियों में भिड़ंत; सायरन बजते ही इलाके में हड़कंप, 2 ... Jashpur Wildlife News: जशपुर में खेत के पास मिला नर दंतैल हाथी का शव; दुलदुला वन परिक्षेत्र में मची ... Jashpur Crime Action: जशपुर में गुंडागर्दी पर बड़ा एक्शन! हवाई फायर कर मोबाइल लूटने वाले BRCC की सेव... Baloda Bazar Ganesh Visarjan: बलौदा बाजार में गणेश विसर्जन से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च; उपद्रवियों ... Chhattisgarh Infrastructure News: कवर्धा शहर को जाम से मिलेगी मुक्ति; ₹54 करोड़ की 4-लेन फोरलेन परिय... EC Voter List SIR Row: दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान; कांग्रेस बोली- 'ज... FJCCI Demand Ranchi: उद्घाटन के 3 साल बाद भी बंद पड़ा रांची ट्रांसपोर्ट नगर! FJCCI ने परिवहन सचिव रा...
मध्यप्रदेश

महाअष्टमी पर उज्‍जैन में सुख-समृद्धि के लिए शुरू हुई नगर पूजा

उज्जैन ।   चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर नगर की सुख-समृद्धि के लिए आज पूजा शुरू हुई। सुबह 7.30 बजे चौबीस खंभा माता मंदिर में माता महामाया व महालया को मदिरा अर्पित कर नगर पूजा की शुरुआत हुई। पूजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्रपुरी जी महाराज मौजूद रहे। नवरात्र की महाअष्टमी पर सुख-समृद्धि के लिए शहर के 40 से अध‍िक देवी व भैरव मंदिरों में नगर पूजा की जाती है। मान्यता है कि नगर पूजा से देवी-देवता प्रसन्न होकर नगर वासियों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। पूजा से नगर में व्याधि‍ का खतरा भी नहीं रहता है। नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है। शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर शासन द्वारा नगर पूजा कराई जाती है। चैत्र नवरात्र में भी हुई शुरुआत कुछ सालों से चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी पर निरंजनी अखाड़े द्वारा नगर पूजा कराई जा रही है। इस बार भी अखाड़े द्वारा पूजा की भव्य तैयारियां की गई है। पूजा में शामिल होने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्रपुरी महाराज उज्जैन आए ।नगर पूजा की परंपरा में कलेक्टर द्वारा माता महामाया व महालया की पूजन का विधान है। कलेक्टर ही देवी को मदिरा की धार लगाकर पूजन की शुरुआत करते हैं, इसलिए अखाड़े की ओर से उन्हें पूजन के लिए आमंत्रित किया गया। चौबीस खंभा माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शासकीय अध‍िकारी व कोटवारों का दल ढोल-ढमाकों के साथ नगर पूजा के लिए रवाना हुए। शाम 7.30 बजे तक शहर के 40 से अध‍िक देवी तथा भैरव मंदिरों में पूजा-अर्चना होगी। भजिए-पूरी अर्पित करेंगे नगर पूजा में करीब 27 किलोमीटर लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जाती है। इसके लिए तांबे के कलश में छिद्र कर उसमें मदिरा भरी जाती है। कोटवारों का दल कलश लेकर चलते हैं और मदिरा मार्ग पर बहती जाती है। मदिरा के साथ कर्मचारी पूरी, भजिए आदि भी अर्पित करते चलते हैं। मान्यता है इससे अतृप्तों को तृप्ति मिलती है। वह प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।

Related Articles

Back to top button