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उत्तरप्रदेश

Who is IAS Rinku Singh Raahi: 7 गोलियां खाकर एक आंख गंवाने वाले IAS रिंकू सिंह राही कौन हैं? अब मिली ये नई जिम्मेदारी

Lucknow: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए रातोरात 38 आईएएस (IAS) अफसरों के तबादले कर दिए हैं। इस तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा तेज-तर्रार, साहसिक और अपनी ईमानदारी के लिए चर्चित आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही (IAS Rinku Singh Rahi) की हो रही है।

लंबे संघर्ष और ‘बिना काम के वेतन नहीं’ के अपने उसूल पर अडिग रहने वाले राही को सरकार ने अब जालौन का संयुक्त मजिस्ट्रेट (Joint Magistrate) नियुक्त किया है। उनकी यह तैनाती उनके द्वारा अपना तकनीकी इस्तीफा वापस लेने के कुछ ही दिनों बाद हुई है।

आईएएस रिंकू सिंह राही: एक नज़र में (Quick Facts)

विवरण जानकारी
अधिकारी का नाम रिंकू सिंह राही (लगभग 44 वर्ष)
बैच 2022-23 बैच, यूपी कैडर (पूर्व में 2004 बैच PCS)
नई जिम्मेदारी संयुक्त मजिस्ट्रेट, जालौन (Jalaun)
चर्चित घटनाक्रम मुजफ्फरनगर घोटाला पर्दाफाश, 7 गोलियां लगीं, पुवायां में उठक-बैठक विवाद

क्या था पूरा विवाद? पहले इस्तीफा, फिर वापसी

रिंकू सिंह राही का विवादों और कड़े फैसलों से पुराना नाता रहा है। हालिया विवाद जुलाई 2025 का है:

  • पुवायां SDM का पद और उठक-बैठक: जुलाई 2025 में उन्हें शाहजहांपुर के पुवायां में SDM के रूप में तैनाती मिली थी। पहले ही दिन तहसील में गंदगी और शौचालय की दुर्दशा देखकर उन्होंने संबंधित क्लर्क को उठक-बैठक करा दी।

  • खुद भी पकड़े कान: जब वकीलों ने इसका विरोध किया, तो राही ने खुद कान पकड़कर 5 उठक-बैठक कीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद उन्हें हटाकर राजस्व परिषद (लखनऊ) से अटैच कर दिया गया और उन्हें कोई काम नहीं दिया गया।

  • इस्तीफे की पेशकश: बिना काम के खाली बैठे रहने से आहत होकर मार्च 2026 के अंत में उन्होंने राष्ट्रपति और DoPT को पत्र लिखकर अपना तकनीकी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लिखा कि “बिना काम के वेतन लेना नैतिक रूप से गलत है।” * इस्तीफा वापस: 20 अप्रैल 2026 के आसपास उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया और अब 3-4 मई की तबादला सूची में उन्हें जालौन की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ईमानदारी की चुकाई थी भारी कीमत: खाई थीं 7 गोलियां

रिंकू सिंह राही की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले राही ने 2004 में PCS परीक्षा पास की थी।

  • 100 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश: 2008-09 में मुजफ्फरनगर में डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर ऑफिसर के पद पर रहते हुए उन्होंने 83 से 100 करोड़ रुपये के स्कॉलरशिप और पेंशन घोटाले का पर्दाफाश किया था।

  • जानलेवा हमला: भ्रष्टाचारियों ने मार्च 2009 में उन पर जानलेवा हमला करवाया। उन्हें 7 गोलियां मारी गईं, जो उनके चेहरे और आंख में लगीं।

  • UPSC पास कर बने IAS: वे लंबे समय तक अस्पताल में रहे। उनकी एक आंख की रोशनी चली गई और चेहरे पर विकृति आ गई, लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा। विकलांगता कोटे के तहत उन्होंने UPSC क्रैक किया और आईएएस अधिकारी बने।

जालौन की जनता को मिला निडर अफसर

रिंकू सिंह राही का जीवन सिस्टम में बदलाव लाने की एक मिसाल है। घोटाले का पर्दाफाश, जानलेवा हमले का सामना, UPSC में सफलता और अपने उसूलों के लिए इस्तीफे की पेशकश—हर पड़ाव पर उन्होंने अदम्य साहस दिखाया है। जालौन में उनकी यह नई तैनाती जनसेवा में एक नई शुरुआत मानी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को एक ऐसा अधिकारी मिला है जो बिना डरे, पूरी ईमानदारी से काम करता है।

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