IAS Divya Mittal: देवरिया से क्यों हटाई गईं IAS दिव्या मित्तल? क्या नेताओं से तकरार पड़ी भारी, जानें क्या मिली नई जिम्मेदारी

Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य के 38 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस पूरी तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा देवरिया की जिलाधिकारी (DM) दिव्या मित्तल को हटाए जाने की हो रही है। अपने सख्त फैसलों, बेबाक अंदाज और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति के लिए मशहूर आईएएस दिव्या मित्तल को देवरिया डीएम पद से हटाकर अब विशेष सचिव, राजस्व परिषद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादले से जुड़ी अहम जानकारी (Quick Facts)
| विवरण | जानकारी |
| अधिकारी का नाम | दिव्या मित्तल (IAS, 2013 बैच) |
| पूर्व पदस्थापना | जिलाधिकारी (DM), देवरिया |
| नई जिम्मेदारी | विशेष सचिव, राजस्व परिषद (उत्तर प्रदेश) |
| देवरिया के नए DM | मधुसूदन हुगली |
| तबादलों की कुल संख्या | 38 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर |
देवरिया में दिव्या मित्तल का ‘किंग साइज’ एक्शन
दिव्या मित्तल का देवरिया कार्यकाल उनके कड़े फैसलों और जनता से जुड़े मुद्दों पर सख्ती के लिए याद किया जाएगा। माना जा रहा है कि उनकी यही सख्त कार्यशैली स्थानीय सियासी समीकरणों में फिट नहीं बैठी:
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अवैध कब्जों पर प्रहार: उन्होंने जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल रखा था।
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अधिकारियों को जेल की चेतावनी: काम में लापरवाही बरतने वाले लेखपालों और कानूनगो को उन्होंने सीधे जेल भेजने तक की चेतावनी दे डाली थी।
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जनता से तमीज से पेश आने की नसीहत: सार्वजनिक रूप से अपने मातहत अधिकारियों को जनता के साथ तमीज और शिष्टाचार से पेश आने की सख्त हिदायत देने वाले उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए, जिससे वह आम जनता की चहेती बन गईं।
सुर्खियों में रहा ‘दिशा’ बैठक का वो बयान
देवरिया में उनके कार्यकाल के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच खींचतान की खबरें लगातार आती रहीं। जुलाई 2025 में हुई ‘दिशा’ बैठक में दिया गया उनका एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा था कि कोई भी जनप्रतिनिधि अधिकारियों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए दबाव नहीं बना सकता।
लंदन की लाखों की नौकरी छोड़ चुनी देश सेवा
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का विवादों और चर्चाओं से पुराना नाता रहा है।
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लंदन से वापसी: आईएएस बनने से पहले वह लंदन में एक बेहद आकर्षक पैकेज पर नौकरी कर रही थीं, लेकिन देश सेवा के जुनून के चलते उन्होंने वह नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी (UPSC) पास कर आईएएस बनीं।
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मिर्जापुर का प्रोटोकॉल विवाद: देवरिया से पहले मिर्जापुर में तैनाती के दौरान भी उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत शानदार काम किया था, लेकिन वहां भी ‘प्रोटोकॉल’ से जुड़े एक मुद्दे पर उनका तबादला कर दिया गया था।
अब देवरिया से उनकी अचानक विदाई को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। प्रशासनिक हलकों में कुछ लोग इसे एक रूटीन ट्रांसफर प्रक्रिया मान रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे एक ईमानदार और तेज-तर्रार अफसर पर ‘सियासी दबाव’ का नतीजा बता रहे हैं।






