खरगोन हिंसा में घायल शिवम के परिवार का दर्द:24 घंटे बाद भी नहीं आया होश; चोट से टूटी सिर की हडि्डयां ब्रेन में घुसी,दो दिन बाद होना है बहन की शादी

खरगोन हिंसा में घायल शिवम के परिवार का दर्द:24 घंटे बाद भी नहीं आया होश; चोट से टूटी सिर की हडि्डयां ब्रेन में घुसी,दो दिन बाद होना है बहन की शादी
रविवार को खरगोन में राम नवमी के जुलूस के दौरान हिंसा में घायल शिवम शुक्ला (16) को इंदौर के एक प्राइवेट अस्पताल में एडमिट किया गया है जहां उसकी हालत गंभीर है। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है और 24 घंटे बाद भी होश नहीं आया है। दूसरा पहलू यह कि दो दिन बाद उसकी बहन की शादी है, लेकिन परिवार बेटे की स्थिति गंभीर होने के कारण गमगीन हैं और उसके होश में आने का इंतजार कर रहे हैं।
रिश्तेदारों के मुताबिक जब वहां उपद्रव हो रहा था तो उस दौरान पथराव के साथ पेट्रोल बम भी फेंके जा रहे थे। इस दौरान गोलियां भी चली और पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। उस दौरान शिवम भी राम नवमी के जुलूस में शामिल थी। तभी जब उपद्रव शुरू और वह अचानक लहुलहान होकर गिर पड़ा। इंदौर में रहने वाले उसके रिश्तेदारों ने बताया कि उसे पहले प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां बेड उपलब्ध नहीं थे। वहां से सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने देखा तो उसके सिर में गहरा गड्ढा हो चुका था और सांसें चल रही थी। डॉक्टरों ने उसकी हालत देखने के बाद इंदौर रैफर करने को कहा तो चचेरा भाई नीलेश व अन्य उसे इंदौर लाए और एडमिट किया। इस बीच रास्ते में ही उसने होश खो दिया।
चोट में सिर की हडिड्यां टूटकर ब्रेन में चली गई, ऑपरेशन से निकाला
इंदौर में रात को ही डॉक्टरों ने उसकी सारी जांचें की। परिजन को गोली लगने की आशंका थी लेकिन जांच व ऑपरेशन में नहीं पाई गई। ऑपरेशन करने वाले डॉ. प्रणव घोड़गांवकर ने बताया कि उसके सिर में गहरा घाव है। यह घाव किससे हुआ यह कहना मुश्किल है लेकिन चोट इतनी गहरी है कि सिर की कुछ हडिड्यां टूटकर ब्रेन में चली गई। इसके साथ ही कुछ बारीकी सी सामग्री भी ब्रेन में पहुंची। इस पर ऑपरेशन कर उन्हें निकाला गया। वह रात से ही वेंटिलेटर पर है तथा अभी होश नहीं आया है। होश कब तक आएगा यह कहना मुश्किल है।
बहन के शादी के बंट चुके हैं निमंत्रण कार्ड
नीलेश ने बताया कि शिवम के पिता किसान है तथा परिवार खरगोन से 100 किमी दूर निसरपुर में रहता है। परिवार में उससे बड़ी दो बहनें हैं। शिवम 10वीं के बाद आईटीआई से कम्प्यूटर साइंस में डिप्लोमा कर रहा है इसलिए वह मामा सुरेंद्र जोशी के यहां खरगोन में रहता है। उसकी एक बहन की शादी 17 अप्रैल को है जिसकी तैयारियां चल रही थी तथा निमंत्रण कार्ड भी बांटे जा चुके हैं। इस बीच इस हादसे के बाद परिजन व रिश्तेदार उसके जल्दी अच्छा होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि कर्फ्यू के चलते उसके मामा इंदौर नहीं आए हैं और माता-पिता को भी यह बताया है कि उसे जल्द होश आ जाएगा। वे अभी निसरपुर में ही हैं।
परिजन का कहना है कि अभी भी खरगोन के हालातों को सामान्य नहीं कहा जा सकता। कई ऐसे मकान हैं जो कार्रवाई के लिए चिन्हित किए गए थे लेकिन वे वीडियो में वैसे ही दिखाई दे रहे हैं। कुछ उपद्रवियों की मंशा अभी भी हिंसा फैलाने की है तथा वे तैयार हैं। पुलिस को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।