ब्रेकिंग
Aman Arora on Ram Mandir Donation: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर गरमाई सियासत, आप नेता अमन अर... Farooq Abdullah on Article 370: फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, सुप्रीम कोर्ट का फैसला गैर-कानूनी— जम्... AISA Leader Neha Bora Delhi High Court: छात्र नेता नेहा बोरा ने दिल्ली हाई कोर्ट में दी पुलिस नोटिस ... Alwar Love Story Murder: अलवर में लिव-इन में रह रही 5 महीने की प्रेग्नेंट प्रेमिका की पीट-पीटकर हत्य... Darjeeling Black Deer Sighting: पश्चिम बंगाल के डाउ हिल जंगलों में दिखा दुर्लभ काला हिरण, पर्यटकों औ... Noida EWS LIG Flats: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में सस्ते घर पाने का मौका, बिल्डरों को रखन... Bagaha Kidnapping Case: बिहार के बगहा में 9 साल के बच्चे का अपहरण और 20 लाख की फिरौती मांगने वाले 4 ... IGI Airport Gold Smuggling: दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4.03 करोड़ का सोना जब्त Tiger Shroff Car Firing: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग, राजस्थान के कोटा... Manipur Violence News: इंफाल में सीएम आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने रखा शव, भीड़ को हटाने के लिए प...
धार्मिक

पूजा पाठ में सबसे शुभ माना जाता है यह दीपक

हिंदू धर्म में पूजा पाठ में हर सामग्री का अपना एक महत्व है और उससे जुड़े कुछ खास नियम भी हैं। जैसे कि हवन के लिए आम की लकड़ी का ही इस्तेमाल होता है। ठीक उसी प्रकार पूजा पाठ में दीपक का भी विशेष महत्व होता है। पूजा आप चाहे घर में करें या कोई बड़े अनुष्ठान की पूजा कर रहे हों ईश्वर को धूप-दीप अवश्य दिखाई जाती है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि पूजा पाठ में सबसे शुभ कौन सा दीपक माना जाता है और उससे जुड़ी क्या परंपराएं हैं। आज हम आपको बताएंगे कि पूजा पाठ के लिए कौन सा दीपक सबसे शुभ होता है और उससे जुड़ी क्या परम्पराएं है।

यूं तो मंदिर में अलग अलग दीपक देखने को मिलते हैं। पीतल, कांसा, तांबा और मिट्टी इन सभी के दीपक बाजार में आसानी से मिल जाते परन्तु आटे के दीये का अपना अलग महत्व होता है। आटे का दिया बहुत ही शुभ माना जाता है। आटे का दीया बनाने के लिए सबसे मूल वस्तु आटा है जो कि गेहूं से बनता है और गेंहू एक ऐसा अन्न है जिसपर माँ अन्नपूर्णा की कृपा रहती है। कहते हैं कि आटे का दीपक जलाने से माँ अन्नपूर्णा का आशीर्वाद स्वतः मिल जाता है। माँ अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मिलने के कारण आटे का दीपक पवित्र माना जाता है।

अब बात करते हैं उन कुछ कारणों की जिनमे आटे का दीपक जलाया जाता है। आटे का दीपक जलाने का सबसे पहला कारण तो उसकी शुद्धता और पवित्रता है। अन्य धातु के बने दीपक यहाँ तक कि मिट्टी के दीपक भी आटे के दीपक से ज्यादा शुद्ध और पवित्र नहीं है। पूजा पाठ में शुद्धता और पवित्रता का खास ध्यान रखा जाता है इसलिए आटे का दीपक जलाना शुभ होता है।

यदि आपकी कोई मनोकामना है और आप चाहते हैं कि वह पूरी हो तो आपको आटे का दीपक जलाना चाहिए आपको पांच मंगलवार आटे से बना पंचमुखी दीपक हनुमानजी के मंदिर में जलाना चाहिए। इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी। यहाँ तक कि तांत्रिक क्रियाओं में भी आटे के दीपक का प्रयोग किया जाता है। आटे के दीपक का विभिन्न प्रकार से पूजा पाठ में इस्तेमाल किया जाता है। जैसे कि शनि ग्रह की शांति के लिए मंगलवार या शनिवार को किसी हनुमान मंदिर में आटे का दीपक जलाया जाता है। तो वहीं मंगल ग्रह की शांति के लिए आटे के दीपक में चमेली का तेल डालकर जलाया जाता है।

ज्योतिषशास्त्र में भी आटे के दीपक के बारे में बताया गया है ज्योतिष के अनुसार आटे के दीपक के क्रम की शुरुआत 1 से लेकर 11 तक होती है। जब आप कोई संकल्प लेते हैं तो सबसे पहले एक दीपक जलाये फिर 2, 3, 4, 5 और इस प्रकार 11 तक दीपक जलाये। उसके बाद फिर 10, 9, 8, 7 से घटते घटते 1 तक आए और इस क्रम में दीपक जलाएँ।
मान्यता है कि आटे का दीपक जलाने से कर्ज से मुक्ति होती है, विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती है, बीमारी, संतान प्राप्ति और गृह क्लेश जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।
आटे के दीपक में थोड़ी सी पीली हल्दी मिलाकर गूँथे और उसके बाद इसे हाथ से दीपक का आकार दें और उसमें घी या तेल की बाती डालकर दीपक जलाएँ। कहते है यह बहुत शुभ फलदायी होता है।

Related Articles

Back to top button