ब्रेकिंग
Jamaica Reparations UK King Charles: जमैका ने ब्रिटेन के सामने रखी गुलामी के मुआवजे की मांग, जानिए क... Tarang Shakti and Submarine Deal: भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, तरंग शक्ति एक्सरसाइज ... Canada Deportation Bishnoi Gang: कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बढ़ाई सख्ती, छात्र बनकर गए भा... Bank Strike September 2026 Update: देशव्यापी बैंक हड़ताल से पहले राहत, 27 सितंबर यानी रविवार को खुले... ICRA Report On OMCs: सरकारी तेल कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान; इक्रा की रिपोर्ट में बड़ा खुला... Angiography vs Angioplasty: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या है अंतर? कार्डियोलॉजिस्ट से समझे... Bhopal News: 50 टन कचरा और कैडमियम-सीसा जैसी धातुएं; गणेश उत्सव के बाद भोपाल के झीलों पर बढ़ा पर्याव... MP High Court On POCSO Act: 'लंबित हैं 14,531 मामले'; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केसों में बढ़ोत... Ujjain Bairwa Samaj Dol Samaroh: 24 अखाड़े, 16 झांकियां और रासलीला; उज्जैन में बैरवा समाज ने भव्यता ... Shahdol Elephant Threat: बाणसागर के 25 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएगी DFO तरुणा वर्मा की नई ...
व्यापार

केंद्र सरकार ने निधि कंपनियों के नियमों में किया बड़ा बदलाव, जान लीजिए नए रूल

Nidhi Companies Rules: केंद्र सरकार ने आम लोगों के हितों को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने निधि कंपनियों के नियमों में बदलाव कर दिया है. केंद्र सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. आइए जानते हैं नए नियम.

Nidhi Companies Rules: निधि कंपनियों से लेन-देन करने वालों के लिए जरूरी खबर है. दरअसल, सरकार ने आम लोगों के हितों को देखते हुए निधि कंपनियों (Nidhi companies) को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन किया है. केंद्र सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. मंत्रालय ने कहा कि निधियों के रूप में कार्य करने की इच्छुक सूचीबद्ध कंपनियों को अब जमा स्वीकार करने से पहले केंद्र सरकार से पूर्व-मंजूरी प्राप्त करनी होगी.

निधि कंपनियों के नियमों में संशोधन

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘आम जनता के हितों की रक्षा के लिए, यह अनिवार्य है कि इसका सदस्य बनने से पहले केंद्र सरकार से निधि कंपनी के रूप में घोषणा हासिल की जाए. इसके अलावा 10 लाख रुपये की शेयर पूंजी के साथ निधि कंपनी के रूप में गठित फर्म को खुद को निधि घोषित करने के लिए न्यूनतम 200 की सदस्यता के साथ एनडीएच-4 फॉर्म के जरिये आवेदन करना होगा. ऐसी कंपनियों का शुद्ध स्वामित्व वाला कोष (NOF) गठन के 120 दिन के अंदर 20 लाख रुपये होना चाहिए.’

मानदंडों को करना होगा पूरा

नए नियम के अनुसार, कंपनी के प्रवर्तकों और निदेशकों को बताए गए नियमों के अनुरूप उपयुक्त व्यक्ति के मानदंड को पूरा करना होगा. मंत्रालय ने यह भी बताया, ‘समय पर निपटान के लिए केंद्र सरकार एनडीएच-4 (NDH-4) के रूप में कंपनियों की तरफ से दायर आवेदनों की प्राप्ति के 45 दिन के भीतर कोई निर्णय नहीं लेती है, तो मंजूरी को स्वीकृत माना जाएगा.’

इसके अलावा आपको बता दें कि विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यह ऐसी कंपनियों पर लागू होगा जिन्हें निधि (संशोधन) नियम, 2022 के बाद निगमित किया जाएगा.

जानिए क्या हैं निधि कंपनियां?

गौरतलब है कि निधि कंपनियां (Nidhi company) एक तरह की गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाएं यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेस कंपनियां हैं जो अपने सदस्यों के साथ उधार लेना-देना करते हैं. इसमें कई बार लेन-देन के बीच शिकायत सामने आती रहती है.

Related Articles

Back to top button