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निगम का संरक्षण या आकाओं का दबाव तीन नोटिस के बावजूद अवैध निर्माण पर कार्यवाही नही,सील भी तोड़ी स्किम 140 में बिल्डिंग मालिक ने स्वीकारी गलती फिर भी निगम नही कर रहा कार्यवाही,आपराधिक मामला हो सकता है दर्ज

निगम का संरक्षण या आकाओं का दबाव तीन नोटिस के बावजूद अवैध निर्माण पर कार्यवाही नही,सील भी तोड़ी

स्किम 140 में बिल्डिंग मालिक ने स्वीकारी गलती फिर भी निगम नही कर रहा कार्यवाही,आपराधिक मामला हो सकता है दर्ज

इंदौर के झोन 19 के ग्रेटर बृजेश्वरी में तीन प्लाटों को जोड़कर तानी गई अवैध बिल्डिंग में एक भी नियम नगर निगम के लागू नही हो रहा है। यानी इस कदर अवैध बिल्डिंग तानी गई है कि जिसमें कुछ भी वैध नही है। बिल्डिंग के शुरुआती काम की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर हुई थी। लेकिन इसके बावजूद अफसरों की मिलीभगत से मौके पर निर्माण होता चला गया। जब शिकायत ज्यादा हुई तो निगम ने इसे सील कर दिया था। लेकिन दुकानदार ने सील भी तोड़ दी है।

स्वच्छता में नंबर एक तो हम है ही लेकिन इसकी आड़ में अवैध निर्माणों की गन्दगी हमेशा नगर निगम के बड़े अफसरों की मिलीभगत दिखा देती है। निगमायुक्त के कड़े फरमान के बावजूद अधीनस्थ अफसरों की साठगांठ से बड़े निर्माणों को संरक्षण दे दिया जाता है। निगमायुक्त ने भ्र्ष्टाचारी सहायकों को भवन अनुज्ञा से हटा दिया है। बिल्डिंग परमिशन के मुख्यालय से भी 25 कामचोरों को इधर उधर किया गया है। निगमायुक्त की इस सख्ती की गाज अब उन बीओ, बीआई पर गिरनी चाहिए जो अपने क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहे है। स्किम 140 में मनीष जैन के 99,100,101 तीन प्लाट है। जिनकी रजिस्ट्री नक्शे अलग-अलग पास हुए है। मिक्स यूज की अनुमति निगम ने दी है। जिसमे ग्राउंड प्लोर पर 50 प्रतिशत कमर्शियल अनुमति थी। जिसमे कमर्शियल निर्माण होना था। लेकिन जैन ने निगम के एक नियम नही देखे बल्कि मुख्य मार्ग पर झोन से कुछ ही दूरी पर दर्जनों शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण तान दिया था। जब निर्माण पूरा बन कर तैयार हुआ तो अफसरों ने बिल्डिंग सील कर दी थी। लेकिन जैन ने यहां भी खेल दिखाना शुरू कर दिया। यहीं मौजूद मेहता इलेक्ट्रॉनिक की दुकान सील तोड़कर खोल ली गई है। कारोबार चल रहा है। ऐसे में सरकारी काम मे बाधा का केस भी लग सकता है। निगम अफसरों के मुताबिक जैन कोर्ट की शरण तक पहुंचा था लेकिन उसे यहां भी राहत नही मिली थी।

जब बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी लेना चाही तो मनीष जैन बोला मेरे घर मे शादी चल रही है। मुझे कोई बात नही करनी आपको जैसा अच्छा लगे करो।

झोन 19 के बीओ का कहना है कि समान निकालने के लिए एक दुकान कुल्फी वाली खोली गई थी लेकिन मौके पर सील तोड़कर मेहता इलेक्ट्रॉनिक के नाम से दुकान संचालित हो रही है। यह दादागिरी है। निगम उक्त दुकानदार या जिम्मेदार पर आपराधिक मामला सरकारी कार्य मे बाधा का दर्ज करा सकता है।

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