ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
मध्यप्रदेश

MP: नसरुल्लागंज का नाम फिर से भैरुंदा होगा, सीएम ने केंद्र सरकार को भेजा प्रस्ताव, शिवराज ने एक साल पहले की थी घोषणा

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक और शहर का नाम बदलेगा. सीहोर जिले में स्थित नसरुल्लागंज का नाम बदलने की घोषणा सीएम शिवराज ने की थी, लेकिन अभी तक इसका नाम नहीं बदला गया है. अब नाम बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है. नसरूल्लागंज तहसील का नाम बदलकर भैरुंदा किया जाएगा. शिवराज सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. 1908 में नसरुल्लागंज का नाम भैरुंदा ही था. इससे पहले होशंगाबाद और बबाई का भी नाम बदला जा चुका है. सीएम शिवराज सिंह 22 फरवरी 2021 को नाम बदलने का ऐलान किया था.

नसरुल्लागंज के इतिहास को देखा जाए, तो यह भोपाल के नवाब परिवार से जुड़ा है. नवाब सुल्तान जहान बेगम ने भोपाल के पास अपने तीनों बेटों को जागीरें दीं. ज्येष्ठ पुत्र नसरुल्ला खां को दी गई जागीर का नाम उनके नाम पर नसरुल्लागंज रखा गया. इसी तरह ओबैदुल्लागंज ओबैदुल्ला खान की जागीर थी. सुल्तान जहां बेगम ने अपने सबसे छोटे बेटे हमीदुल्लाह को चिकलोड की जागीर दी. नसरुल्ला खान और औबैदुल्ला खान की पूर्व मृत्यु के कारण, भोपाल रियासत के नवाब हमीदुल्ला को बनाया गया था.

भोपाल रियासत की 1908 की गजट अधिसूचना में कहा गया है कि उस समय नसरुल्लागंज का नाम भैरुंडा था. राजपत्र में उल्लेख है कि भैरुंडा भोपाल रियासत के दक्षिणी संभाग के आठ परगनाओं में से एक था. उस समय भैरुंडा और आसपास के इलाकों में कालीन बुनने का काम किया जाता था. यहां कई बुनकर रहते थे. लंबे समय से यहां के निवासी शहर का नाम भैरुंडा करने की मांग कर रहे थे. मुख्यमंत्री के ऐलान से पहले ही स्थानीय लोगों ने नसरुल्लागंज के साथ-साथ भैरुंडा लिखना शुरू कर दिया.

Related Articles

Back to top button