ब्रेकिंग
: पंजाब राजभवन में 'एट होम' समारोह का आयोजन: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ CM भगवंत मान और CM ना... सुल्तानपुर लोधी में बड़ा हादसा टला: राइस मिल में 25 फीट गहरे कुएं में गिरे 3 मजदूर, प्रशासन ने सुरक्... मोहाली में विदेशी युवती से गैंगरेप और हैवानियत: गर्म मोम डाला, जबरन कराया देह व्यापार; आरोपी काबू जालंधर के अलास्का चौक पर दर्दनाक हादसा: करतार बस ने डिलीवरी बॉय को कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने दी शुभकामनाएं, शहीदों को किया नमन गुरदासपुर बॉर्डर पर सनसनी: खेतों में पेड़ पर बंधे मिले पाकिस्तानी झंडे और दर्जनों गुब्बारे, सुरक्षा ... इंदौर में CM मोहन यादव ने तोते उड़ाकर किया 14-D सफारी का लोकार्पण; ग्लो गार्डन और भूल-भुलैया भी बने ... उज्जैन: महाकाल मंदिर में सैकड़ों चप्पलों के ढेर में खो गई जोड़ी, श्रद्धालु ने ChatGPT से चुटकियों मे... ग्वालियर में AI की सूझबूझ से बची हेड कांस्टेबल की जान: करैत सांप के काटने पर TI ने अपनाए सही प्रोटोक... छतरपुर में स्वतंत्रता दिवस के दिन दर्दनाक हादसा, आजादी की खुशियां मातम में बदलीं
व्यापार

‘गगन’ सिस्टम की सफल लैडिंग करने वाली पहली एयरलाइन बनी इंडिगो

इंडिगो देश की पहली ऐसी एयरलाइन बन गई है, जिसने सैटेलाइट पर आधारित लैंडिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके विमान को सफलता पूर्वक लैंड कराया है। इसके साथ ही यह भारत के लिए भी बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इस सफल लैंडिंग के बाद अब भारत अब एशिया का पहला देश बन गया है, जिसके पास यह सिस्टम मौजूद है।एयरलाइन कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, एटीआर-72 एयरक्राफ्ट में इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया और बुधवार सुबह राजस्थान में किशनगढ़ हवाईअड्डे पर इसकी सफल लैंडिंग की गई। गौरतलब है कि इस नई तकनीक को जीपीएस एडेड जिओ ऑग्यूमेंटेड नेवीगेशन ‘गगन’ नाम दिया गया है। इस तकनीक को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। गगन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इंडिगो की फ्लाइट के ट्रायल के दौरान डीजीसीए की टीम भी मौजूद रही। गगन की मदद से एयरक्राफ्ट उन एयरपोर्ट पर भी लैंड कर सकेंगे, जहां पर महंगा लैंडिंग सिस्टम मौजूद नहीं लगा है। बयान में कहा गया कि भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में ये बड़ी उपलब्धि है। ‘गगन’ हवाई क्षेत्र का आधुनिकीकरण करेगा, उड़ान में देरी की समस्या को कम करेगा, ईंधन की बचत करेगा और उड़ान सुरक्षा में सुधार करेगा।

Related Articles

Back to top button