ब्रेकिंग
Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत नेता अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से; मशहद मे... Delhi Crime News: त्रिलोकपुरी में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से दरिंदगी; ईंट से हमला कर दिया दुष्कर्म, ... Global Kashmiri Pandit Conclave: 'वापसी ही सबसे सच्ची जीत है', श्रीनगर में बोले उपराज्यपाल मनोज सिन्... Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे ने बुलाई सांसदों की आपात बैठक; क्या शिवसेना (UBT) में टूट की है तै... Banke Bihari Temple News: क्या जर्जर हो रहा है बांके बिहारी मंदिर? दरारों की चर्चाओं के बीच हाई पावर... TMC Crisis in Bengal: तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट के संकेत; सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी खेमे में शाम... Next Chief of Army Staff: जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ; केंद्र सरकार ... NEET Re-Exam Update: परीक्षा में छात्रों को मिलेगा 15 मिनट का अतिरिक्त समय; शिक्षा मंत्री ने दी बड़ी ... Kainchi Dham Traffic Plan: कैंची धाम मेले के लिए प्रशासन का रूट चार्ट जारी; मंदिर तक सिर्फ शटल से मि... Broken Hair Vastu Tips: क्या टूटे बालों को इधर-उधर फेंकना अशुभ है? जानें इसके पीछे का ज्योतिषीय कारण
व्यापार

नौकरी बदलने के बाद इस तरह अपडेट करें EPF अकाउंट का डेट ऑफ एग्जिट, जानें पूरा प्रोसेस

EPFO Update: आपको बता दें कि पहले EPFO केवल कंपनी को यह अधिकार देता था कि वह कर्मचारी के डेथ ऑफ एग्जिट को मेंशन करें लेकिन, नियमों में बदलाव के बाद अब यह सुविधा कर्मचारी को भी मिलती है.

EPFO Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के करोड़ों की संख्या में खाताधारक है. हर नौकरीपेशा व्यक्ति अपनी कमाई का एक हिस्सा पीएम के रूप में ईपीएफओ खाते में जमा करता है. ईपीएफओ खाते में जमा पैसा हर कर्मचारी की भविष्य की कमाई होती है जो उसे रिटायरमेंट के बाद मिलता है. इसके साथ ही अगर कर्मचारी की 60 साल यानी रिटायरमेंट से पहले मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में खाते में जमा पैसे खाताधारक के नॉमिनी को दे दिए जाते हैं. ऐसे में पीएफ में जमा पैसा एक इमरजेंसी फंड की तरह काम करता है.

बता दें कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी अक्सर अपनी नौकरी बदलते रहते हैं. ऐसे में इन कर्मचारियों को अपने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) खाते में डेट ऑफ एग्जिट (date of exit) यानी नौकरी छोड़ने का दिन और उसका कारण दर्ज करना जरूरी है. अगर आप भी जल्द ही नौकरी छोड़ने वाले हैं या छोड़ चुके हैं तो इसे बारे में जानें-

डेट ऑफ एग्जिट जोड़ना है जरूरीआपको बता दें कि पहले ईपीएफओ केवल कंपनी को यह अधिकार देता था कि वह कर्मचारी के डेथ ऑफ एग्जिट को मेंशन करें लेकिन, नियमों में बदलाव के बाद अब यह सुविधा कर्मचारी को भी मिलती है. ऐसा न करने पर कर्मचारी का पीएफ दूसरी कंपनी में ट्रांसफर करने में दिक्कत होती है. इस तरह अकाउंट से पैसे निकालने और ट्रांसफर करने में कर्मचारी को परेशानी होती है. इसके साथ ही यह भी बता दें डेट ऑफ एग्जिट तब ही मेंशन कर सकते हैं जब कर्मचारी और कंपनी दोनों की तरफ से खाते में पैसे जमा होना बंद होता है. नौकरी छोड़ने के 2 महीने के बाद ही आप डेट ऑफ एग्जिट मार्क कर सकते हैं.

डेट ऑफ एग्जिट अपडेट करने का प्रोसेस–डेट ऑफ एग्जिट मार्क करने के लिए सबसे पहले EPFO की ऑफिशियल वेबसाइट https://unifiedortal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर क्लिक करें.-इसके बाद अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड दर्ज करें.-आगे Manage ऑप्शन पर क्लिक करें.-इसके बाद Mark Exit ऑप्शन पर क्लिक करें.-फिर Select Employees ऑप्शन पर क्लिक करके EPFO अकाउंट चुनें.-इसके बाद आप अपना डेट ऑफ एग्जिट और इसकी वजह दर्ज करें.-इसके बाद आपके Regered मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा जिसे दर्ज करें.-इसके बाद आगे Declaration ऑप्शन को चुनें.-आखिर में Update ऑप्शन पर क्लिक करें.-आखिर में एक मैसेज आएगा जिसमें लिखा होगा की आपने डेट ऑफ एग्जिट सही तरह से अपडेट कर दिया.-आपका डेट ऑफ एग्जिट अपडेट का काम पूरा होगा.

Related Articles

Back to top button