ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
देश

आगे बढ़ गई राफेल विमान के भारत आने की तारीख, राजनाथ सिंह फ्रांस जाकर करेंगे रिसीव

नई दिल्लीः बहुचर्चित राफेल विमान को भारत लाने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। 20 सितंबर को भारत आने वाला राफेल विमान अब अक्टूबर की 8 तारीख को भारत पहुंचेगा। इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ  सिंह स्वंय फ्रांस जाएंगे और राफेल विमान को लेकर आएंगे।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह अपनी एक टीम के साथ 8 अक्टूबर को फ्रांस जाएंगे। राजनाथ सिंह फ्रांस के बॉर्डेक्स में एक मैन्यूफेक्चरिंग प्लांट में जाएंगे, जहां से वो राफेल को रिसिव करेंगें। एक पूरी प्रक्रिया के साथ राफेल को रिसिव किया जाएगा और भारत लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि राफेल को अंबाला स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर ही रखा जाएगा। वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर एक समारोह में 17 स्क्वाड्रन को फिर से शुरू करेंगे जिसे राफेल विमान के देश में आने पर रिसीव करने की तैयारी माना जा रहा है।गौरतलब है कि राफेल विमान की तैनाती अभी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर ही की जाएगी।

आपको बता दें कि राफेल विमान सौदा पिछले कुछ वर्षों में सबसे चर्चित और विवादित सौदों में से एक रहा है।  2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के द्वारा केंद्र सरकार पर इस डील में घोटाला करने का आरोप लगाया गया था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी लगभग हर रैली में इस सौदे का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले के ले जाया गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी भारत सरकार के इस कदम को सही करार दिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की बात होने के चलते राफेल की कीमतों को सार्वजनिक न करने को भी सही करार दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button