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महंगे डीजल का असर, दो महीनों में ट्रकों के किराये में 10 फीसदी तक का आया उछाल

Diesel Price Hike Impact: IFTRT के मुताबिक अप्रैल महीने डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बाद ट्रकों के रेंट में 4 से 5 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है.

Truck Rental Hike: मंहगे डीजल ( Costly Diesel) के चलते देश में माल भाड़ा ( Freight Charges) महंगा हुआ है. डीजल के दामों में बढ़ोतरी ( Diesel Price Hike) के चलते पूरे देश में सभी रूट्स पर ट्रकों के भाड़े ( TRuck Rentals) में 5 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है. इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग ( IFTRT) ने अपनी रिपोर्ट में ये जानकारी दी है. इससे पहले मार्च 2022 में भी महंगे डीजल के चलते ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़े में 5 फीसदी तक के बढ़ोतरी का फैसला लिया था जब डीजल के दामों में 5.70 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी. यानि दो महीनों में 10 फीसदी तक ट्रकों का किराया महंगा हो चुका है.

महंगे डीजल का असर IFTRT के मुताबिक अप्रैल के पहले हफ्ते में सरकारी तेल कंपनियों ने डीजल के दामों में 3.60 रुपये लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया था जब अँतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था. डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बाद ट्रकों के रेंट में 4 से 5 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है. दरअसल कोरोना के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है तो मांग भी बढ़ी है. ऐसे में मालों की आवाजाही बढ़ी है ऐसे में ट्रकों की भारी मांग है तो ट्रांसपोर्टरों ने अपनी लागत में बढ़ोतरी के बाद माल भाड़ा बढ़ा दिया है.

महंगे माल भाड़े से बढ़ी महंगाईहालांकि इसका असर महंगाई के तौर पर देखा जा रहा है. खाने पीने की चीजें लगातार महंगी हो रही है. तो घर बनाने वाले वस्तुओं सीमेंट, सरिया के अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल आईट्मस के अलावा एफएमसीजी कंपनियां भी साबुत डिटर्जेंट के दाम बढ़ा रही है. और दाम बढ़ाने की प्रमुख वजहों में माल ढुलाई का महंगा होना भी है जो महंगे डीजल के बाद सामने उभर कर रहा है. आपको बता दें 22 मार्च 2022 के बाद से सरकारी तेल कंपनियां 10 रुपये प्रति लीटर तक डीजल के दाम बढ़ा चुकी है.

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