कृषि सिंचाई योजना से किसान पा सकते हैं अच्छा लाभ, 75% तक सरकार दे रही अनुदान

Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana के तहत सिंचाई के उन उपकरणों और योजनाओं पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है, जिनमें पानी, खर्च और मेहनत सबकी बचत होती है. योजना के अन्तर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को प्रभावी ढंग से विभिन्न फसलों (Crops) में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
नई दिल्ली : पानी की हर एक बूंद की कीमत को समझाते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana) बनाई है, जिसका उद्देश्य “हर खेत को पानी” देना है. इसका फोकस जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर हैं ताकि बाढ़ और सूखे के आवेग से होने वाले नुकसान की रोकथाम की जा सके. ऐसा करने से उपलब्ध संसाधनों का कुशल उपयोग हो सकेगा और साथ ही किसानों (Farmers) को अधिक पैदावार मिलेगी. आज की स्थिति में बिहार और झारखंड के किसानों को ऐसी योजनाओं की ज्यादा जरूरत है. किसान इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं और इससे किसानों क्या फायदे होंगे. इस बारे में जानकारी दे रहे हैं बिहार के मधुबनी जिले के कृषि विशेषज्ञ शिव कुमार
बीते कई दशकों से तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद कृषि योग्य भूमि का ज्यादातर भाग आज भी बारिश पर आश्रित है. मॉनसून की स्थिति बिगड़ने पर उपज अच्छी नहीं हो पाती है. इस स्थिति में किसानों की कृषि आमदनी में गिरावट आती है. किसानों की स्थिति में बदलाव लाने के लिए शासन ने कई बड़े निर्णय लिए हैं. मॉनसून पर खेती की निर्भरता कम करने और हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को लागू किया है. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय वाली योजना है. इसकी शुरुआत एक जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है.
भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana) चलाई जा रही है. योजना के तहत सिंचाई के उन उपकरणों और योजनाओं पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है, जिनमें पानी, खर्च और मेहनत सबकी बचत होती है. योजना के अन्तर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को प्रभावी ढंग से विभिन्न फसलों (Crops) में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इस सिंचाई पद्धति को अपनाकर 40-50 प्रतिशत पानी की बचत के साथ ही 35-40 प्रतिशत उत्पादन में वृद्धि और उपज के गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है.
भारत सरकार के ऑपरेशनल गाइडलाइंस 2017 के अनुसार बागवानी, कृषि एवं गन्ना फसल में अधिक दूरी एवं कम दूरी वाली फसलों के 14 विभिन्न लेटरेल स्पेसिंग के आधार पर उपयुक्त फसलों में ड्रिप सिंचाई पद्धति को लगाकर उन्नतिशील उत्पादन एवं जल संचयन किया जा सकता है. स्प्रिंकलर सिंचाई मटर, गाजर, मूली, विभिन्न प्रकार की पत्तेदार सब्जियां, दलहनी फसलें, तिलहनी फसलें. अन्य कृषि फसलें. औषधीय एवं सगंध फसलों में मिनी स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर, सेमी परमानेन्ट पोर्टेबल एवं लार्ज वैक्यूम स्प्रिंकलर (रेनगन) द्वारा सरलता से सिंचाई प्रबंधन किया जा सकता है.
कौन होगा Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana के लिए पात्र?
योजना का लाभ सभी वर्ग के किसानों को दिया जा रहा है. योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान के पास खुद की खेती एवं जल स्रोत उपलब्ध हो. योजना का लाभ सहकारी समिति के सदस्यों, सेल्फ हेल्प ग्रुप, इनकार्पोरेटेड कंपनी, पंचायती राज संस्थाओं, गैर सहकारी संस्थाओं, ट्रस्ट, उत्पादक कृषकों के समूह के सदस्यों को भी दिया जा रहा है. ऐसे लाभार्थियों/संस्थाओं को भी योजना को लाभ मिल रहा है जो संविदा खेती (कान्टैक्ट फार्मिंग) अथवा न्यूनतम 7 वर्ष के लीज (एग्रीमेन्ट) की जमीन पर बागवानी/खेती करते हैं. एक लाभार्थी कृषक/संस्था को उसी भू-भाग पर दूसरी बार 7 वर्ष के बाद ही योजना का लाभ ले सकता है. लाभार्थी किसान अनुदान के अतिरिक्त अवशेष धनराशि स्वयं के स्रोत से अथवा ऋण प्राप्त करके अदा करने के लिए सक्षम हो.






