ब्रेकिंग
Chhatarpur News: महिला आयोग अध्यक्ष रेखा यादव के काफिले पर विवाद, 120 गाड़ियों के जाम से जनता परेशान Bhopal News: भोपाल में उपद्रव के बाद AIMIM के दो सदस्य गिरफ्तार, पुलिस वाहन में तोड़फोड़ का आरोप Ujjain News: उज्जैन की 18 हजार दुर्लभ पांडुलिपियों का होगा डिजिटलाइजेशन, 'ज्ञान भारतम' के तहत बड़ी प... Chambal River News: चंबल नदी में छोड़े गए 83 कछुए, उसैद घाट की हेचरी में हुआ था जन्म Bhind News: पीएम मोदी की अपील बेअसर? भाजपा नेता 120 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे भिंड MP Congress Talent Hunt: एमपी कांग्रेस में अनुसंधानकर्ताओं की भर्ती, जीतू पटवारी ने खुद लिए साक्षात्... शिप्रा शुद्धिकरण: उज्जैन के आला अधिकारियों ने बस और पैदल किया 29 किमी घाटों का निरीक्षण, 140 सड़कें ... Bhopal News: बावड़िया कलां में नाले पर अवैध निर्माण ढहाने का आदेश, NGT ने कलेक्टर को दिया 3 महीने का... Dewas News: देवास की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 श्रमिकों की मौत, 23 से ज्यादा गंभीर घायल Shivpuri News: शिवपुरी में बुजुर्ग ने जिंदा रहते हुए ही की अपनी 'तेरहवीं' की तैयारी, कार्ड देख हैरान...
व्यापार

IPL 2026 Ticket Fraud: आईपीएल टिकट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 600 फर्जी साइट्स एक्टिव

भारत में आईपीएल का मतलब सिर्फ क्रिकेट नहीं है. यह रातों की नींदें उड़ा देने वाले ग्रुप चैट्स, आखिरी मिनट में जर्सी खरीदने की होड़ और चंद सेकंड में बिक जाने वाले टिकटों की जद्दोजहद का नाम है. आपकी इसी हड़बड़ी और जज्बात का फायदा इस सीजन साइबर ठग बड़े पैमाने पर उठा रहे हैं. साइबर सुरक्षा फर्म क्लाउडसेक (CloudSEK) की ताजा रिपोर्ट ‘हिट विकेट’ (Hit Wicket) के अनुसार, 600 से अधिक फर्जी टिकट डोमेन और 400 से ज्यादा मालवेयर युक्त स्ट्रीमिंग साइट्स के साथ, आईपीएल 2026 अपराधियों के लिए एक बड़ा बाजार बन गया है.

🎫 फर्जी टिकट बुकिंग साइट्स का मायाजाल: स्टेडियम के गेट पर खुलती है पोल

धोखेबाज आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स जैसे बुकमायशो (BookMyShow) और डिस्ट्रिक्ट (District) की हूबहू नकल कर रहे हैं. ग्राहकों में जल्दबाजी पैदा करने के लिए इन साइट्स पर ‘काउंटडाउन टाइमर’ और ‘लिमिटेड सीट्स’ जैसे बैनर लगाए जाते हैं. जैसे ही कोई यूपीआई या कार्ड से पेमेंट करता है, उसे क्यूआर कोड वाला एक फर्जी पीडीएफ टिकट मिल जाता है. असली खेल स्टेडियम के गेट पर समझ आता है, जब क्यूआर कोड स्कैन ही नहीं होता. इस दौरान ठग ग्राहकों का कीमती डेटा (फोन नंबर, ईमेल) भी चुरा लेते हैं.

📱 फ्री मैच दिखाने के नाम पर डिवाइस में सेंधमारी: हैक हो सकता है बैंक खाता

हर डिजिटल फ्रॉड सीधे पैसे नहीं मांगता; कुछ को सिर्फ आपके एक क्लिक की जरूरत होती है. जो लोग महंगे सब्सक्रिप्शन से बचने के लिए ‘फ्री आईपीएल लाइव स्ट्रीम’ खोजते हैं, वे सबसे बड़े खतरे में हैं. टेलीग्राम और रेडिट पर साझा किए जा रहे इन लिंक्स पर क्लिक करते ही एक खतरनाक मालवेयर आपके सिस्टम में प्रवेश कर जाता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि मैकओएस (macOS) यूजर्स को ‘शब स्टीलर’ (SHub Stealer) नाम के मालवेयर का शिकार बनाया जा रहा है, जो आपके ब्राउजर के पासवर्ड, कुकीज और बैंकिंग डिटेल्स तक चोरी कर सकता है.

💹 साइबर अपराधियों के लिए मुनाफे का सौदा है आईपीएल सीजन

आईपीएल देश के सबसे बड़े डिजिटल इवेंट्स में से एक है. करोड़ों की व्यूअरशिप और कम समय में होने वाले बड़े ऑनलाइन ट्रांजेक्शन इसे ठगों के लिए एक आदर्श जगह बनाते हैं. जब बात किसी बड़े प्लेऑफ या हाई-वोल्टेज मैच की होती है, तो दर्शक भावनात्मक रूप से टिकट के लिए कोई भी जोखिम लेने को तैयार रहते हैं. ठग पहला मैच शुरू होने से बहुत पहले ही अपने फर्जी डोमेन और टेलीग्राम चैनल सेट कर लेते हैं और डिमांड के अनुसार अपनी रणनीति बदलते रहते हैं.

🛡️ डिजिटल ठगी से बचने के उपाय: सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

इस पूरे स्कैम इकोनॉमी से बचने का एक ही तरीका है, सतर्कता. अपनी सुरक्षा के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • वेरिफाइड प्लेटफॉर्म: टिकट हमेशा आधिकारिक और वेरिफाइड प्लेटफॉर्म्स से ही खरीदें.

  • अनजान लिंक्स: सोशल मीडिया या वॉट्सऐप पर आए अनजान लिंक्स पर भारी डिस्काउंट देखकर क्लिक न करें.

  • पाइरेसी से बचें: अनधिकृत फ्री स्ट्रीमिंग साइट्स से पूरी तरह दूरी बनाएं.

  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: अपने ईमेल और बैंकिंग ऐप्स पर ‘2FA’ जरूर ऑन रखें. याद रखें, इस डिजिटल दौर में आपका एक गलत क्लिक आपके मैच के टिकट से कहीं ज्यादा भारी पड़ सकता है.

Related Articles

Back to top button