ब्रेकिंग
UPITS 2026: उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 'ब्रांड योगी' और सुशासन का जीवंत प्रमाण, CA पवन ... Kanker News: कांकेर में सरंगपाल महानदी पुल से बुजुर्ग ने लगाई छलांग, मोपेड और मोबाइल छोड़कर नदी में ... Bank Strike News: 28 से 30 सितंबर तक देशव्यापी बैंक हड़ताल, झारखंड में 60,000 करोड़ का कारोबार होगा ... MMDR Act 2026: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का झारखंड सरकार पर हमला, गिनाए संशोधन कानून के फायदे Ashish Agarwal BJP: राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष अग्रवाल की नई पहल, ग्वालियर में 'नो होर्डिंग-बैनर' ... Katni News: कटनी जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल से महिला ने लगाई छलांग, हालत गंभीर Morena Crime News: थाने से 100 मीटर दूर बदमाशों का आतंक, FIR कराकर लौट रहे 3 लोगों पर जानलेवा हमला MP News: भोपाल मास्टर प्लान 2047 में मकान-दुकान होंगे साथ, CM मोहन यादव ने मांगे सुझाव, जानें बड़ी ब... Ganesh Visarjan Tragedy: महाराष्ट्र के पालम में विसर्जन के दौरान 2 युवक नदी में डूबे, रेस्क्यू ऑपरेश... Farmers Relief Maharashtra: फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, 75% राज्य सूखाग्रस्त, बिजली बिल और कर्ज में ...
धार्मिक

संकल्प और साहस  

खेल की कक्षा शुरू हुई तो एक दुबली-पतली अपंग लड़की किसी तरह अपनी जगह से उठी। वह खेलों के प्रति जिज्ञासा प्रकट करते हुए शिक्षक से ओलिंपिक रेकॉर्ड्स के बारे में सवाल पूछने लगी। इस पर सभी छात्र हंस पड़े। शिक्षक ने भी व्यंग्य किया- तुम खेलों के बारे में जानकर क्या करोगी। अपने ऊपर कभी नजर डाली है? तुम तो ठीक से खड़ी भी नहीं हो सकती, फिर ओलिंपिक से तुम्हें क्या मतलब है? तुम्हें कौन सा खेलना है जो यह सब जानोगी। चुपचाप बैठकर सुनो।
रुआंसी लड़की कुछ कह न सकी। सारी क्लास उस पर हंसती रही। अगले दिन जब खेल पीरियड में उसे बाकी बच्चों से अलग बिठाया गया तो उसने कुछ सोचकर बैसाखियां संभालीं और दृढ़ निश्चय के साथ बोली-सर याद रखिएगा। अगर लगन सच्ची हो और इरादे बुलंद हों तो सब कुछ संभव है। आप देखना एक दिन यही लड़की हवा से बातें करके दिखाएगी। उसकी इस बात से भी ठहाका गूंज उठा। सबने इसे मजाक के रूप में लिया। लेकिन वह लड़की तेज चलने के अभ्यास में जुट गई। वह अच्छी और पौष्टिक खुराक लेने लगी, फिर वह कुछ दिनों में दौड़ने भी लगी। कुछ दिनों के बाद उसने छोटी-मोटी दौड़ में भाग लेना भी शुरू कर दिया। उसे दौड़ते देख लोग दांतों तले उंगली दबा लेते थे। फिर कई लोग उसकी मदद को आगे आए। सबने उसका उत्साह बढ़ाया। उसके हौसले बुलंद होने लगे। फिर उसने 1960 के ओलिंपिक में हिस्सा लिया और तीन स्वर्ण पदक जीतकर सबको हतप्रभ कर दिया। ओलिंपिक में इतिहास रचने वाली वह थी अमेरिकी धाविका विल्मा रुडोल्फ।

Related Articles

Back to top button