ब्रेकिंग
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ... 'Idiots' और 'Andhbhakts' टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार समिति को मामला भेज... हरियाणा मतदाता सूची पुनरीक्षण: 26.29 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां, 33 लाख नाम ड्राफ्ट ... समालखा नगर परिषद में सियासी ड्रामे का पटाक्षेप! मनीषा कुहाड़ निर्विरोध बनीं वाइस चेयरपर्सन हरियाणा में JBT शिक्षकों की TGT पदोन्नति प्रक्रिया तेज! 13 अगस्त तक मांगे आवेदन, DEEO पर गाज की तैया... ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा का धमाकेदार प्रदर्शन, जैवलिन थ्रो के फाइनल मे... पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भू... राज्यसभा में उठी गुरुग्राम में हाईकोर्ट सर्किट बेंच की मांग! सांसद संजय भाटिया ने 'टॉवर ऑफ जस्टिस' क...
विदेश

चीन की सेना पीएलए तिब्बतियों की भर्ती तेज कर रही हैं

बीजिंग। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है। इस बीच खबर हैं, कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने नई योजना के आधार पर तिब्बतियों की भर्ती तेज की है। इंटेलिजेंस एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन तिब्बतियों की भर्ती में इजाफा कर ही रहा है। साथ ही तिब्बत के युवाओं और युवतियों को सेना में भर्ती के लिए तैयार भी कर रहा है।
सूत्रों ने बताया कि पीएलए में भर्ती के लिए 4400 से ज्यादा तिब्बतियों को चुना गया है। जिसमें 4000 से ज्यादा तिब्बती युवक और करीब 400 तिब्बती युवतियां शामिल हैं। तिब्बत की राजधानी ल्हासा में दिसंबर 2021 से लेकर मार्च 2022 के बीच में 500 लोगों की चीनी सेना में भर्ती हुई है। जिसमें 250 के करीब कॉलेज के छात्र भी शामिल हैं।
चीन रणनीति के तहत तिब्बती गांवों के युवाओं को शिक्षित कर रहा है। इसके तहत एलएसी से लगने वाले नागरी प्रांत के 6 से 9 साल के बच्चों को बोर्डिंग में भेजने की तैयारी कर चुका है। इसके लिए चीन ने 120 छात्रों का चयन किया है। इन छात्रों को पढ़ाई के लिए बीजिंग भेजा जाएगा। इसके साथ ही मैंडेरिन भाषा पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा 10 से 18 साल के बच्चों को मैंडेरिन, बोधी और हिंदी भाषा को ज्ञान देने के लिए चुना गया है।
कुछ समय पहले खबर आई थीं कि चीनी सेना हिंदी भाषा को जानने वालों की भर्ती करने वाली है। ताकि भारत के संबंध में अधिक से अधिक इंटेलिजेंस जुटा सके और एलएसी के आसपास के इलाकों के बारे में जानकारी एकत्रित कर सके। वेस्टर्न थिएटर कमांड के तहत तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट इस साल जून तक भर्ती अभियान की शुरुआत होगी। पीएलए की वेस्टर्न थिएटर कमांड भारत के साथ चीन की सीमाओं की देखरेख करती है। तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट एलएसी के निचले हिस्से पर सुरक्षा का काम देखती है, जो पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा उत्तराखंड की सीमा से लगती है।  इसके अतिरिक्त पश्चिमी थिएटर कमांड के तहत आने वाली शिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट भी लद्दाख की सीमा से लगे क्षेत्रों की देखरेख करती है। खुफिया जानकारी से पता चला है, कि तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कर्मियों ने पिछले दो महीनों में पीएलए में हिंदी अनुवादकों के लिए चीन के कई कॉलेजों और यूनिवर्सिटी का दौरा किया है।

Related Articles

Back to top button