ब्रेकिंग
CJP Protest News: कॉकरोच जनता पार्टी का देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान, पुलिस बर्बरता के खिला... West Bengal Election 2026: बीजेपी की चुनावी रणनीति से मैनेजमेंट सीखेंगे छात्र, IIM-कलकत्ता ने दी जान... Fast-Track Court for Paper Leak: पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट, पीएम मोद... Delhi Police News: महिला को थप्पड़ मारने वाले एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा पर एक्शन, कनॉट प्लेस से हटाए ... Anna Hazare Protest: छात्रों के समर्थन में उतरे अन्ना हजारे, अहिल्यानगर में रखा दो घंटे का मौन उपवास Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों में जींस-टीशर्ट और रील बनाने पर रोक, शिक्षा विभाग का सख्त... Moradabad News: हैदराबाद से एलएलबी की छात्रा की निर्मम हत्या, पति ने ही रची थी खौफनाक साजिश Telangana News: मोबाइल की बैटरी दांतों से काटना 12 साल के बच्चे को पड़ा भारी, भीषण विस्फोट में मौत Begusarai News: बेगूसराय में झपटमारी का अनोखा मामला, भीड़ से बचने के लिए चोर ने निगला सोने का गहना Hyderabad Crime News: एयरपोर्ट जा रही केबिन क्रू के साथ कैब ड्राइवर ने किया रेप, आरोपी गिरफ्तार
देश

ममता ने की इस्तीफे की पेशकश, कहा: नहीं करूंगी सरेंडर

कोलकाता:  लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के प्रदर्शन से निराश पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने का फैसला लिया लिया है। 2014 के 34 के मुकाबले इस बार टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर 22 रह गई है। पार्टी के इस खराब प्रदर्शन का अब विश्लेषण शुरू हो गया है।

कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी की बैठक शुरू होते ही मैंने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में अब काम नहीं करना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शक्तियां हमारे खिलाफ काम कर रही हैं। आपातकाल की स्थिति पूरे देश में तैयार की गई है। समाज को हिंदू मुस्लिम में बांट दिया गया है। हमने चुनाव आयोग से कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ममता बनर्जी के लिए पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती 
पार्टी के इस खराब प्रदर्शन का अब विश्लेषण शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस को स्तब्ध करने वाले प्रदर्शन के पीछे मोदी लहर और गत वर्ष खून-खराबे के साथ हुए पंचायत चुनावों के बाद टीएमसी द्वारा अल्पसंख्यकों का कथित तौर पर तुष्टीकरण मतदाताओं के ध्रुवीकरण की वजह माना जा रहा है। भगवा पार्टी का जानाधार अचानक बढ़ने से हैरान तृणमूल कांग्रेस खेमा बंट गया है। स्थानीय नेताओं ने शीर्ष पार्टी पदों पर काबिज लोगों की ‘‘दूरदर्शिता की कमी” और उनके ‘‘अहंकार भरे रवैये” को खराब चुनावी प्रदर्शन के पीछे की मुख्य वजह बताया।

हालांकि टीएससी का वोट प्रतिशत इस बार बढ़ा है। उसे 2014 के 39 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 43 प्रतिशत वोट मिले हैं लेकिन वह दक्षिण बंगाल के आदिवासी बहुल जंगलमहल और उत्तर में चाय बागान वाले क्षेत्रों में अपना गढ़ बचाए रखने में नाकाम रही। भाजपा ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की और उसका वोट प्रतिशत 2014 के 17 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 40.5 प्रतिशत तक बढ़ गया। यहां तक कि जिन सीटों पर टीएमसी जीती वहां भी भाजपा दूसरे नंबर पर रही जबकि वाम दल के हिस्से तीसरा स्थान आया। बहरहाल, टीमएसी नेतृत्व ने इस पर चुप्पी साध रखी है क्योंकि कुछ लोगों को राज्य में उसकी सरकार की स्थिरता को लेकर चिंता हो रही है। लेकिन पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने राज्य में भाजपा की बढ़त को ‘‘अस्थायी” बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button