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ऑर्बिटर कर रहा बेहतरीन काम, कमेटी करेगी विक्रम लैंडर की जांच: ISRO चीफ

चंद्रयान-2 मिशन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन के अनुसार चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बेहतरीन काम कर रहा है। सभी पेलोड के संचालन शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय स्तर की समिति इस बात का विश्लेषण कर रही है कि वास्तव में विक्रम लैंडर के साथ क्या गलत हुआ।

सिवन ने कहा कि ऑर्बिटर ने चांद की सतह को लेकर प्रयोग करने शुरू कर दिए हैं। हमें विक्रम लैंडर से कोई सिग्नल नहीं मिला है लेकिन हमारा ऑर्बिटर अभी भी चांद के चारों तरफ चक्कर लगाते हुए उम्दा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि हो सकता है समिति द्वारा रिपोर्ट पेश किए जाने करने के बाद, हम भविष्य की योजना पर काम करेंगे। इसके लिए मंजूरी और अन्य प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है, हम उस पर काम कर रहे हैं।

इसरो के अध्यक्ष ने कहा कि ऑर्बिटर में 8 उपकरण लगे हैं, जिस उपकरण का जो काम निर्धारित है वो एकदम वही काम कर रहा है। ऑर्बिटर से मिली कुछ तस्वीरें जबरदस्त हैं, हमने ऑर्बिटर ऐसा डिजाइन किया था कि वो 1 सालों तक काम करता, लेकिन ईंधन के अच्छे इस्तेमाल की वजह से आर्बिटर अब 7.5 साल तक काम करेगा।

 बता दें कि इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के. सिवन ने कहा था कि चंद्रयान-2 मिशन अपने लक्ष्य में 98 फीसद सफल रहा है। इसरो अब 2020 तक दूसरे चंद्रयान मिशन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सिवन ने यह भी कहा कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बहुत सही तरीके से काम कर रहा है और उम्मीद है कि यह एक साल के बजाय साढ़े सात साल तक तय वैज्ञानिक प्रयोग ठीक से करता रहेगा।

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