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2010 के बाद तेजी से बढ़ती RSS, हर साल खुल रहीं 1500 शाखाएं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाएं 2010 के बाद तेजी से बढ़ी हैं। RSS के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों के दौरान लगभग 20 हजार शाखाएं बनाई गई हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा कि 2019 के बाद संघ ने 19,584 नई शाखाएं जोड़ी हैं जोकि संघ के इतिहास में सबसे अधिक वृद्धि है। उन्होंने कहा कि देश में अब 57 हजार शाखाएं हैं। वैद्य ने कहा कि समय की कमी के कारण शाखाओं का आयोजन आसान नहीं है, फिर भी 2010-14 के बीच 6 हजार नई शाखाएं बनाई गईं, यानि कि हर साल करीब 1500 नई शाखाएं जोड़ी गईं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब भाजपा सत्ता से बाहर थी तो संघ की शाखाओं में यह वृद्धि हुई। अखिल भारतीय कार्य़कारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक शुरू होने से पूर्व वैद्य प्रैस से बातचीत कर रहे थे। वैद्य ने कहा कि RSS सदस्यों की आयु वर्ग भी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत शाखाएं स्कूलों और कॉलेजों की हैं। लगभग 19 प्रतिशत शाखाए युवा व्यापारियों और कारोबारियों की हैं।

उन्होंने कहा कि अब लोगों का RSS के प्रति रुझान बढ़ रहा है। वैद्य ने कहा कि जब हमने 2013 में RSS की सरकारी बैवसाइट joinrss शुरू की थी तो हमें 28843 आवेदन मिले थे। वहीं इस साल 2019 में हमें सितंबर तक RSS में शामिल होने के लिए 1.03 लाख आवेदन मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि संघ अब सामाजिक बदलाव पर भी काम कर रहा है और 5 हजार गांवों में हमारे वर्कर काम कर रहे हैं।

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