ब्रेकिंग
UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा का शेड्यूल जारी, 3 दिनों तक चलेगा ... Uttarakhand Madarsa Board: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म! अब 'अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' तय करेगा... Bikram Majithia News: जेल से बाहर आते ही गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पहुंचे मजीठिया, नतमस्तक होकर पर... Batala Murder Case: बटाला कत्ल मामले में पुलिस की बड़ी कामयाबी, हत्या की साजिश रचने वाला 'कपल' गिरफ्... Punjab Highway Accident: पंजाब में हाईवे पर स्कॉर्पियो का भीषण हादसा, 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोग गंभ... Punjab Board Exam Update: कब शुरू होंगी PSEB 12वीं की परीक्षाएं? डेटशीट को लेकर आई बड़ी जानकारी, छात... Horrific Attack: घर से निकलते ही 13 साल के बच्चे पर खूंखार कुत्ते का हमला, लहूलुहान हुआ मासूम; चीखें... Punjab Governor Visit: पंजाब के 3 अहम जिलों के दौरे पर रहेंगे गवर्नर, प्रशासन ने कसी कमर; सुरक्षा के... Jalandhar Raid: जालंधर में शराब माफिया के ठिकाने पर बड़ी रेड, भारी पुलिस फोर्स ने घंटों खंगाला घर; इ... Crime Strike: बड़े शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा; लाखों का माल बरामद
देश

बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध के हत्यारोपी सुमित की मूर्ति स्थापित, शहीद बताकर हो रही पूजा-अर्चना

बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के हत्यारोपियों को हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा जमानत दी गई तो उनका लोगों ने फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। इतना ही नहीं स्वागत के बाद लोगों ने ‘बंदे मातरम्’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए। इसी तरह का शर्मनाक मामला फिर सामने आया है। दरअसल इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के हत्यारोपी सुमित दलाल की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना सुरू कर दी गई है। मूर्ति की स्थापना स्याना गांव में ही हुई है जहां हिंसा हुई थी।
बता दें कि स्याना हिंसा में सुमित सिंह की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। सुमित की मौत के बाद उसके परिजनों ने सरकार से उसे शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की थी। लेकिन जब सुमित को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या में आरोपी पाया गया तो सरकार ने उसके परिजनों की मांग को खारिज कर दिया। जिसके बाद अब सुमित के परिजनों ने सुमित को खुद ही गौ रक्षक शहीद का दर्जा देकर मूर्ति स्थापना करवा दी है। सुमित के परिवारीजन ने अपने निजी परिसर में उसकी प्रतिमा स्थपित की है और उसकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

सुमित के पिता ने योगी सरकार को दी आत्महत्या की चेतावनी 
मूर्ति स्थापित किए जाने के संबंध में सुमित के पिता अमिरजीत सिंह का कहना है कि उनकी मांगें राज्य सरकार नहीं सुन रही है। उनके मुताबिक, अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वो धर्म परिवर्तन कर आत्महत्या कर लेंगे। अमरजीत ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने जो घोषणाएं की वो पूरी नहीं हुईं और न ही सीबीआई जांच लगाई गई। अगर अगले 3 दिसंबर तक मेरी मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।

जीतू फौजी समेत 7 आरोपियों की पहले हो चुकी है जमानत
इस मामले में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के विभाग अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राघव, भाजपा युवा मोर्चा के नेता शिखर अग्रवाल और जीतू फौजी समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज इन्हें जमानत दे दी गई है।

जेल से बाहर निकले आरोपियों का हुआ हीरो की तरह स्वागत
जेल से बाहर आए इन आरोपियों का लोगों ने किसी हीरो की तरह स्वागत किया। फूल मालाओं से स्वागत के बाद लोगों ने बंदे मातरम् और जय श्रीराम के नारे लगाए। इतना ही नहीं लोगों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।

वन्दे मातरम और जय श्री राम के लगे थे नारे
बता दें कि शिखर अग्रवाल भाजपा युवा मोर्चा के स्याना के पूर्व नगर अध्यक्ष हैं। जबकि उपेंद्र सिंह राघव अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के विभाग अध्यक्ष हैं। इसके अलावा अन्य तीन की पहचान जीतू फौजी, सौरव और रोहित राघव के रूप में हुई थी। जब यह आरोपी बाहर आए तो फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान भारत माता की जय, वन्दे मातरम और जय श्री राम के नारे लगाए गए। इस दौरान पूरी घटना का वीडियो किसी ने बना लिया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपियों को फूलों की माला पहनाई जा रही है। कुल लोग आरोपियों के संग सेल्फी लेते हुए भी नजर आए।

3 दिसंबर 2018 को भड़की थी हिंसा
उल्लेखनीय है कि 3 दिसंबर 2018 को बुलंदशहर के स्याना गांव में गोवंश के टुकड़े मिलने से हिंसा भड़क गई थी। 400 के करीब लोगों ने जमकर हंगामा करने के बाद कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस पर पत्थर और कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं। इस घटना में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और सुमित कुमार नाम के एक युवक की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन करते हुए इस मामले के जांच के आदेश दिए थे। जिसमें 5 लोगों पर इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या का आरोप लगा था साथ ही 33 लोगों पर हिंसा और आगजनी उकसाने के आरोप लगाए थे। जिनमें शिखर अग्रवार और उपेंद्र राघव का नाम शामिल है। प्रयागराज हाईकोर्ट ने अब देशद्रोह की धारा में सातों आरोपियों को जमानत दे दी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button