ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: 'कमजोर कड़ी' से ग्लोबल ग्रोथ इंजन तक; 2012 से 2026 के बीच कैसे बदली भारत की तस्वी... 9/11 आतंकी हमले के 25 साल पूरे: पीएम नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि Vellore Church Collapse: वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 14 घायल; NDRF... हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर पर्यटकों को बड़ी राहत: देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए शुरू Neem Karoli Baba Film: नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ की बंपर सफलता, स्वामी कैलाशनंद गिरी से मिल... MP Politics News: 'विकास के लिए आस्था से समझौता न हो', उमा भारती ने उज्जैन के 170 साल पुराने हनुमान ... महिला किसानों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द शुरू होगी 'महिला किसान खुशहाली योजना' Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन ... साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत Sahibganj News: साहिबगंज में अनोखी शादी; पति ने 8 साल पुराना रिश्ता तोड़ खुद कराई पत्नी की उसके प्रे...
देश

मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया 40 हजार लीटर पानी

भारतीय वायुसेना ने नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध द्ज़ुको (Dzukou Valley)वैली में लगी भीषण जंगल की आग पर काबू पाने के लिए बड़ा राहत अभियान चलाया है. करीब 9,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस दुर्गम इलाके में वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने तीन दिनों में लगभग 40,000 लीटर पानी गिराया.

इस अभियान के दौरान वायुसेना को तेज हवाओं, कम दृश्यता और ऊंचाई पर उड़ान जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा. हालांकि इतनी ऊंचाई पर हवा पतली होने के कारण हेलीकॉप्टर की उठाने की क्षमता (लिफ्ट) करीब 25 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जिससे पायलटों की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है.

बैंबी बकेट से आग पर काबू

जानकारी के मुताबिक Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों में लगे बैंबी बकेट की मदद से यह ऑपरेशन किया गया. एक बैंबी बकेट में 3,500 लीटर तक पानी ले जाने की क्षमता होती है, जिससे आग प्रभावित इलाकों पर तेजी से पानी गिराया गया, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके.

‘संकट में सतर्क, कर्तव्य में अडिग’

वायुसेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें सेना ने कहा ‘जहां हवा विरल होती है, वहां संकल्प दृढ़ रहता है. मणिपुर के ऊपर 9,500 फीट की ऊंचाई पर, भारतीय वायु सेना के Mi-17 V5 विमानों ने भीषण आग, तेज हवाओं और कम दृश्यता का सामना करते हुए लगातार तीन दिनों तक 40,000 लीटर पानी पहुंचाया. संकट में सतर्क, कर्तव्य में अडिग’.

पूर्वोत्तर में लगातार राहत अभियान

मणिपुर का यह अभियान पूर्वोत्तर भारत में चल रहे हवाई अग्निशमन अभियानों की कड़ी का हिस्सा है. इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में भी वायुसेना ने जंगल की आग बुझाने के लिए 12,000 लीटर पानी गिराया था.

मौसमी आग का बढ़ता खतरा

दरअसल सूखे मौसम के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में हर साल मौसमी जंगल की आग का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में वायुसेना की तुरंत कार्रवाई से न सिर्फ पर्यावरण को बचाने में मदद मिली, बल्कि स्थानीय लोगों को भी राहत मिलती है.

Related Articles

Back to top button