ब्रेकिंग
MCB News: घटई की ओदारी नदी में अवैध रेत उत्खनन पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रशासन ने जब्त की पोकले... छत्तीसगढ़ सुशासन तिहार: सीएम साय ने महतारी वंदन योजना का लिया फीडबैक, कोसला में हाई स्कूल भवन का एला... Bastar Weather Update: दंतेवाड़ा और जगदलपुर में आंधी-बारिश से गिरा पारा; बीजापुर में आकाशीय बिजली से... Kawardha Crime News: कवर्धा के जंगल में अर्धबेहोश मिली नाबालिग, शराब पिलाकर दुष्कर्म करने वाले 2 आरो... मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: कुवांरपुर रेंज में फिर दिखा तेंदुआ; 5 मई को बुजुर्ग की जान लेने के बाद ग्... Railway Job Fraud: रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी, CBI ने इंटरनेशनल रेफरी और महिला वेटलिफ्टर को किया ... Kawardha Police Suicide: कवर्धा में लापता हेड कांस्टेबल की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटकी मिली लाश PSPCL Meter Tender Controversy: पंजाब पावरकॉम के 1000 पावर क्वालिटी मीटर टेंडर पर उठे सवाल, CMD से ब... Punjab Weather Alert: पंजाब के 6 जिलों में अगले 20 घंटे भारी! मौसम विभाग का आंधी-तूफान, बारिश और ओला... PSEB Re-evaluation 2026: पंजाब बोर्ड ने जारी किए री-इवैल्यूएशन के नए नियम, 30 मई तक ऑनलाइन आवेदन का ...
देश

मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया 40 हजार लीटर पानी

भारतीय वायुसेना ने नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध द्ज़ुको (Dzukou Valley)वैली में लगी भीषण जंगल की आग पर काबू पाने के लिए बड़ा राहत अभियान चलाया है. करीब 9,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस दुर्गम इलाके में वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने तीन दिनों में लगभग 40,000 लीटर पानी गिराया.

इस अभियान के दौरान वायुसेना को तेज हवाओं, कम दृश्यता और ऊंचाई पर उड़ान जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा. हालांकि इतनी ऊंचाई पर हवा पतली होने के कारण हेलीकॉप्टर की उठाने की क्षमता (लिफ्ट) करीब 25 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जिससे पायलटों की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है.

बैंबी बकेट से आग पर काबू

जानकारी के मुताबिक Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों में लगे बैंबी बकेट की मदद से यह ऑपरेशन किया गया. एक बैंबी बकेट में 3,500 लीटर तक पानी ले जाने की क्षमता होती है, जिससे आग प्रभावित इलाकों पर तेजी से पानी गिराया गया, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके.

‘संकट में सतर्क, कर्तव्य में अडिग’

वायुसेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें सेना ने कहा ‘जहां हवा विरल होती है, वहां संकल्प दृढ़ रहता है. मणिपुर के ऊपर 9,500 फीट की ऊंचाई पर, भारतीय वायु सेना के Mi-17 V5 विमानों ने भीषण आग, तेज हवाओं और कम दृश्यता का सामना करते हुए लगातार तीन दिनों तक 40,000 लीटर पानी पहुंचाया. संकट में सतर्क, कर्तव्य में अडिग’.

पूर्वोत्तर में लगातार राहत अभियान

मणिपुर का यह अभियान पूर्वोत्तर भारत में चल रहे हवाई अग्निशमन अभियानों की कड़ी का हिस्सा है. इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में भी वायुसेना ने जंगल की आग बुझाने के लिए 12,000 लीटर पानी गिराया था.

मौसमी आग का बढ़ता खतरा

दरअसल सूखे मौसम के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में हर साल मौसमी जंगल की आग का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में वायुसेना की तुरंत कार्रवाई से न सिर्फ पर्यावरण को बचाने में मदद मिली, बल्कि स्थानीय लोगों को भी राहत मिलती है.

Related Articles

Back to top button