ब्रेकिंग
India Maritime Strategy: इंडो-पैसिफिक में भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम, AIME-2026 से मजबूत हुआ समुद्री ... INDIA Alliance Protest: EVM और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, खरगे बोले- 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक... महात्मा गांधी जयंती पर राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: आंदोलनों को एकजुट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सत... ईटानगर में ABVP की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक संपन्न: छात्र हितों और आगामी रणनीतियों पर हुआ गहन मंथन Vrindavan News: रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत से गरमाया माहौल, प्रेमानंद महाराज के दूसरे आश्रम में ... Dhanbad News: गैंगस्टर फहीम खान के घर 2004 में हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में 3 दोषियों को सजा, बॉडी... Bulandshahr Crime News: 4 महीने पहले हुआ था निकाह, पति ने पीट-पीटकर की पत्नी की हत्या; आरोपी फरार Okhla Landfill Site Visit: सीएम रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट का किया निरीक्षण, 100 एकड़ जमीन कूड... AIIMS Delhi: उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने AIIMS छात्रों से की 'कॉफी पर चर्चा', सुरक्षा और मेडिकल श... नासिक फैमिली कोर्ट से आरोपी निदा खान को वारंट: पति की तलाक याचिका पर 16 अक्टूबर को पेशी के निर्देश
लाइफ स्टाइल

शुगर रोगियों के लिए 5 शानदार लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स, नहीं बढ़ने देते Blood Sugar Level

Low GI Foods: डायबिटीज रोगी मील प्लान के लिए भोजन चुनने में मदद करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) का उपयोग करते हैं. यहां 5 लोग जीआई वाले फूड्स हैं जिन्हें शुगर रोगियों को डाइट में शामिल करना चाहिए.

Foods For Diabetes: ग्लाइसेमिक इंडेक्स मापता है कि कोई भोजन कितनी तेजी से हमारे ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है. जिन फूड्स में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स या जीआई होता है, वे तेजी से पचते और अवशोषित होते हैं, जिसकी वजह से ब्लड शुगर लेवल में तेजी से वृद्धि होती है. ये हाई ब्लड शुगर फूड्स अक्सर प्रोसेस्ड कार्ब्स और शुगर से भरे होते हैं. डायबिटीज रोगी मील प्लान के लिए भोजन चुनने में मदद करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) का उपयोग करते हैं. यहां 5 लोग जीआई वाले फूड्स हैं जिन्हें शुगर रोगियों को डाइट में शामिल करना चाहिए.

टॉप बेस्ट लो ग्लाइसेमिक फूड्स | Top Best Low Glycemic Foods

1) ओट्स

ओट्स में बीटा-ग्लुकन भी शामिल है, एक प्रकार का फाइबर जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं. स्टील-कट और रोल्ड ओट्स स्वास्थ्यप्रद होते हैं और इनका जीआई मान सबसे कम होता है. इंस्टेंट और क्विक ओट्स का जीआई स्कोर अधिक होता है क्योंकि वे अधिक प्रोसेस्ड होते हैं.

इन 5 चीजों के सेवन से दूर हो जाएगी शरीर की दुर्गंध, यहां है लिस्ट

2) दूध

ये लो-जीआई डेयरी प्रोडक्ट पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यह कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है. लो फैट वाले सोया मिल्क का जीआई 17 से 44 माना जाता है, जबकि फुल फैट वाले सोया दूध का जीआई 44 होता है. ब्रांड के बीच जीआई रेटिंग अलग-अलग होगी. हालांकि, इसका उपयोग सेब, केले, अंगूर और आम सहित कम जीआई वाले फलों की स्मूदी में भी किया जा सकता है.

3) छोले

छोले में प्रति कप उच्च प्रोटीन और फाइबर सामग्री होती है, क्रमशः 11.8 ग्राम और 10.6 ग्राम; वे कैल्शियम, पोटेशियम और विटामिन बी-9 भी प्रदान करते हैं। छोले का जीआई 28 है और इसलिए यह कम कार्बोहाइड्रेट वाला स्रोत है। भुने हुए चने एक स्वादिष्ट और झटपट बनने वाला नाश्ता है.

4) गाजर

गाजर में बीटा-कैरोटीन और पोटेशियम होता है. ये आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. गाजर में हाई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने के लिए जरूरी होते हैं.

5) किडनी बीन्स/राजमा

ये प्रोटीन और फाइबर से भी भरी होती हैं. किडनी बीन्स पोटेशियम और हेल्दी फैट का भी स्रोत हैं. डायबिटीज रोगी इनका सेवन कर सकते हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Related Articles

Back to top button