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पूर्व मुख्यमंत्री उमर व महबूबा को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस

श्रीनगर: केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 2 पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर इस नोटिस की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे जारी किए जाने का दावा किया गया है।

दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवासीय सुविधा श्रीनगर के सबसे पॉश कहे जाने वाले गुपकार रोड पर प्रदान की गई है। फिलहाल दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के करीबियों ने सरकारा आवास खाली करने के नोटिस की प्राप्ति की पुष्टि नहीं की है। संबंधित अधिकारियों ने बाताया कि जम्मू-कश्मीर लैजिस्लेचर पैंशन एक्ट-1984 के तहत ही राज्य में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकार आवासीय सुविधा का प्रावधान है। इसी कानून के तहत पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को भी सरकारी बंगला प्राप्त था, लेकिन उन्होंने उसे पहले ही खाली कर दिया था। उन्हें गुपकार मार्ग से आगे जठियार स्थित जम्म-कश्मीर बैंक का गैस्ट हाऊस दिया गया था।

पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला को गुपकार मार्ग की शुरुआत में स्थित जी.-1, बंगला आबंटित है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को फेयर व्यू बंगला आबंटित है। दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को प्रदान किए गए बंगले में जिम भी है। अलबत्ता, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम-2019 के लागू होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर लैंजिस्लेचर पैंशन एकट-1984 और उसके विभिन्न प्रावधान भी निष्प्रभावी हो गए हैं। यहां यह बताना अंसगत नहीं होगा कि जम्मू-कश्मीर लॉ कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) एम.के.हंजूरा ने मुख्य सचिव को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि स्टेट लैजिस्लेचर मैंबर्स पैंशन एक्ट के सैक्शन 3-सी (ई) और (एफ) एक तरह से मनमाने प्रावधान हैं। ये किसी भी तरह से कानून या किसी अन्य तर्कसंगत योजना के अंतर्गत नहीं है।

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