ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
मध्यप्रदेश

प्रदेश के निर्यातकों के लिए खुलेगा द्वार

इंदौर । इंदौर में 11-12 जनवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से प्रदेश के उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही प्रदेश के निर्यातकों के लिए व्यापार का द्वार भी खुलेगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30 देशों की 75 ऐसी कंपनियां आएंगी जो प्रदेश के उत्पाद खरीदेंगी। प्रदेश के 250 से अधिक निर्यातकों के साथ उनकी वन-टू-वन मीटिंग होगी। नया सरकार ने इंटरनेशनल रिवर्स बायर-सेलर मीट की जिम्मेदारी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फिओ) को दी है। फिओ का अनुमान है मीट से प्रदेश के निर्यातकों को 2 साल में करीब 500 करोड़ के नए ऑर्डर मिलेंगे।

फिओ के मैनेजिंग कमेटी मेम्बर सुबेर रामपुरवाला ने बताया 30 देशों की जो 75 कंपनियां आ रही हैं उनमें 25 से अधिक फार्मा सेक्टर से हैं। पिछले एक दशक में प्रदेश के फार्मा सेक्टर ने अच्छी ग्रोथ की है। एग्रीकल्चर और इंजीनियरिंग (मशीनें बनाने वाली) सेक्टर की कंपनियां भी हैं। फियो के सीईओ अजय सहाय ने बताया समिट में मुख्य रूप से गल्फ अफ्रीकन और अमेरिकन देशों के अलावा बांग्लादेश इंडोनेशिया मलेशिया वियतनाम मलेशिया कंबोडिया सहित 30 देशों के प्रतिनिधि आएंगे। जीआईएस में सरकार करीब 10 देशों के औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों के साथ एमओयू भी साइन करेगी।
लगातार बढ़ रही निवेश की संभावनाएं
प्रदेश में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राज्य सरकार ने निर्णय भी लिया है कि उद्योग लगाने के नाम पर निवेशकों को सभी सरकारी अनुमतियां आसानी उपलब्ध कराई जाएंगी। दफ्तरों में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश को कंपलीट बिजनेस सॉल्यूशन के साथ फ्यूचर रेडी स्टेट बनाया जा रहा है। यहां 95 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र 7 स्मार्ट सिटी और बेहतरीन यातायात व्यवस्था है। भोपाल इन्दौर ग्वालियर जबलपुर खजुराहो में कुल 5 कॉमर्शियल हवाई अड्डे हैं। 20 से अधिक रेल जंक्शन और राज्य में 550 से अधिक ट्रेनें संचालित होती है। मालनपुर से मंडीदीप पवारखेड़ा रतलाम तिही धन्नद में 6 इनलैंड कंटेनर डिपो हैं। ग्वालियर से होकर जाने वाले ईस्ट- वेस्ट कॉरिडोर (एन. एच. 27 ) उत्तर भारत में प्रवेश करने के लिए मप्र का गेटवे कहा जाता है। समिट से पहले प्रदेश की 6 कंपनियों ने मध्य प्रदेश में 9617 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया है। एचईजी कंपनी ग्रेफाइट एनोड के विनिर्माण के लिए 1200 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। वहीं रमणीक पावर एंड एलायंज बालाघाट 168 करोड़ और बुरहानपुर टेक्सटाइल्स लिमिटेड 297 करोड़ का निवेश करेगी। जबकि बीबा फैशन प्राइवेट लिमिटेड ने पीथमपुर में 117 करोड़ निवेश करने की तैयारी कर ली है। इस समूह द्वारा धार जिले में गारमेंट इकाई की स्थापना प्रस्तावित है। आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड ने टेक्सटाइल्स सेक्टर में आकाटन यार्न विनिर्माण की इकाई की स्थापना का प्रस्ताव दिया है जिस पर 800 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इसी तरह टोरेंट पावर लिमिटेड ने छिंदवाड़ा व इंदौर जिले में दो यूनिट पंप स्टोरेज की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। इन पर 7500 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा दिल्ली की एलम सोलर कंपनी ने दो चरणों में 1500 करोड़ यूएस डालर के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसके मुताबिक करीब 500 एकड़ में स्थापित प्लांट में 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इन कंपनियों के प्रतिनिधियों की मध्य प्रदेश में निवेश के संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा हो चुकी है। सरकार का मानना है कि इन कंपनियों के निवेश से प्रदेश में 7300 लोगों को रोजगार मिलेगा।

Related Articles

Back to top button