ब्रेकिंग
Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े... Manoj Tiwari in Giridih: यूजीसी और प्रोटेस्ट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, कहा- युवाओं को बहका रहे है... Ranchi News: बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस
मध्यप्रदेश

चुनावी परीक्षा पास कर चुकीं भाजपा विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर देंगी दसवीं की परीक्षा

बुरहानपुर ।   आमतौर पर लोग पढ़-लिख कर राजनीति में कदम रखते हैं, लेकिन नेपानगर से भाजपा विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर चुनावी परीक्षा पास करने के बाद दसवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रही हैं। गांव में स्कूल नहीं होने के कारण कक्षा आठवीं तक ही पढ़ पाईं नेपानगर विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर ने 21 साल बाद फिर पढ़ाई शुरू की है। उन्होंने स्वाध्यायी विद्यार्थी के रूप में देड़तलाई हायर सेकंडरी स्कूल से फार्म भरा है। विधायक गत दिवस प्रवेश पत्र लेने सुभाष उत्कृष्ट स्कूल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत करते हुए कहा कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती। उनके प्रवेश पत्र पर सुमित्रा देवी की जगह बाली सेमलकर लिखा है। उन्हें सुभाष उत्कृष्ट स्कूल ही परीक्षा केंद्र दिया गया है।

महाराष्ट्र में हुआ था जन्म

सुमित्रा देवी कास्डेकर का जन्म 15 अगस्त 1983 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सेमाडोह गांव में लाबू सेमलकर व जानकी बाई के घर हुआ था। वर्ष 1999 में देड़तलाई निवासी पशु चिकित्सक राजेश कास्डेकर से उनका विवाह हुआ था। विवाह के दस साल बाद 2009 में उन्होंने सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। वर्ष 2018 में कांग्रेस के टिकट पर नेपानगर से विधायक बनीं, लेकिन डेढ़ साल बाद ही कांग्रेस का हाथ छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गईं। वर्ष 2020 में भाजपा ने भी उन्हें इसी सीट से चुनाव मैदान में उतारा और उन्होंने फिर जीत दर्ज कराई। अक्सर उनकी शिक्षा को लेकर सवाल उठते थे। जिसके चलते उन्होंने आगे की पढ़ाई पूरी करने का निर्णय लिया है।

Related Articles

Back to top button