ब्रेकिंग
पशुपालकों के लिए खुशखबरी! एमपी में अब सरकार खरीदेगी दूध, सीएम मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान Shocking Crime: पति की हैवानियत! चरित्र शंका में पत्नी को दी रूह कंपा देने वाली सजा, गंभीर हालत में ... Haryana BJP News: भाजपा नेता कौशल शर्मा को मिला मंत्री पद का दर्जा; संगठन ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी Government Update: जनगणना ड्यूटी से नदारद 289 अधिकारियों पर गिरेगी गाज, FIR दर्ज करने का आदेश जारी Tamil Nadu Elections 2026: 'थलापति' विजय का चला जादू; 2 साल पुरानी पार्टी TVK ने कैसे ढहाए दिग्गजों ... Tamil Nadu Elections 2026: विजय की पार्टी TVK की धमाकेदार जीत; चेन्नई स्थित आवास पर डांस और गानों के... PM Modi on Bengal Results: 'हिंसा नहीं, विकास चाहिए'; बंगाल फतह के बाद प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं ... Baramati Bypoll Result 2026: सुनेत्रा पवार की रिकॉर्ड जीत; 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से विरोधियो... MP Government Plan: ग्वालियर को सौगात! ऋषि गालव के नाम पर बनेगा नया विश्वविद्यालय, शिक्षा के क्षेत्र... Kerala Election Results 2026: केरल में कांग्रेस गठबंधन की सत्ता में वापसी; मुस्लिम लीग का 85% स्ट्रा...
मध्यप्रदेश

चुनावी परीक्षा पास कर चुकीं भाजपा विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर देंगी दसवीं की परीक्षा

बुरहानपुर ।   आमतौर पर लोग पढ़-लिख कर राजनीति में कदम रखते हैं, लेकिन नेपानगर से भाजपा विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर चुनावी परीक्षा पास करने के बाद दसवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रही हैं। गांव में स्कूल नहीं होने के कारण कक्षा आठवीं तक ही पढ़ पाईं नेपानगर विधायक सुमित्रा देवी कास्डेकर ने 21 साल बाद फिर पढ़ाई शुरू की है। उन्होंने स्वाध्यायी विद्यार्थी के रूप में देड़तलाई हायर सेकंडरी स्कूल से फार्म भरा है। विधायक गत दिवस प्रवेश पत्र लेने सुभाष उत्कृष्ट स्कूल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत करते हुए कहा कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती। उनके प्रवेश पत्र पर सुमित्रा देवी की जगह बाली सेमलकर लिखा है। उन्हें सुभाष उत्कृष्ट स्कूल ही परीक्षा केंद्र दिया गया है।

महाराष्ट्र में हुआ था जन्म

सुमित्रा देवी कास्डेकर का जन्म 15 अगस्त 1983 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सेमाडोह गांव में लाबू सेमलकर व जानकी बाई के घर हुआ था। वर्ष 1999 में देड़तलाई निवासी पशु चिकित्सक राजेश कास्डेकर से उनका विवाह हुआ था। विवाह के दस साल बाद 2009 में उन्होंने सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। वर्ष 2018 में कांग्रेस के टिकट पर नेपानगर से विधायक बनीं, लेकिन डेढ़ साल बाद ही कांग्रेस का हाथ छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गईं। वर्ष 2020 में भाजपा ने भी उन्हें इसी सीट से चुनाव मैदान में उतारा और उन्होंने फिर जीत दर्ज कराई। अक्सर उनकी शिक्षा को लेकर सवाल उठते थे। जिसके चलते उन्होंने आगे की पढ़ाई पूरी करने का निर्णय लिया है।

Related Articles

Back to top button