ब्रेकिंग
पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के... भोपाल में 'हर घर तिरंगा' अभियान की भव्य तैयारी: कोलार से बैरागढ़ तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन न... रतलाम में 24 घंटे में ढाई इंच बारिश: फसलों को मिला संजीवनी बूस्टर, जिला अस्पताल के वार्डों में टपका ... मध्य प्रदेश में बाहरी मजदूरों के वनोपज बोनस पर लगेगी रोक: मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला, केवल स्था...
देश

 कैसे हो बेहतर दवा का उत्पादन स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुलाया चिंतन शिविर

नई दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय ने दवाओं की गुणवत्ता और बेहतर उत्पादन के लिए अलग-अलग विशेषज्ञों को बुलाया है। हैदराबाद में होने वाले दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के बड़े डॉक्टर समेत फार्मा कंपनी के लोगों को भी आमंत्रित किया है।  मुताबिक, इस शिविर का महत्व इसीलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि हाल के दिनों में दवाओं को लेकर भारत की विश्व परिवेश में काफी सवाल खड़े हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय 26 और 27 फरवरी 2022 को हैदराबाद में “ड्रग्स: गुणवत्ता विनियमन और प्रवर्तन” पर दो दिवसीय “चिंतन शिविर” का आयोजन कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया चिंतन शिविर की अध्यक्षता करेंगे। दो दिवसीय चिंतन शिविर का उद्देश्य देश में दवाओं की गुणवत्ता और प्रवर्तन से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों की प्रक्रियाओं और कार्यान्वयन की समीक्षा करना है। बैठक भारतीय दवा मानकों, राज्यों और केंद्र में नियामक क्षमताओं की भविष्यवाणी, पारदर्शिता और अनुपालन की समीक्षा करके व्यापार करने में आसानी की सुविधा के तरीकों और साधनों की भी सिफारिश करेगी। प्रतिभागी वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं, डिजिटल उपकरणों, नैदानिक ​​परीक्षण मानकों जैसे नए हस्तक्षेपों की शुरुआत पर भी चर्चा करेंगे और बदले में आम नागरिकों के लाभ के लिए बहु-हितधारक दृष्टिकोण बनाने की दिशा में प्रोत्साहन देंगे। केंद्रीय सचिव (स्वास्थ्य), सचिव (आयुष), सचिव (फार्मास्यूटिकल्स), डीजीएचएस सहित वरिष्ठ अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, एनपीपीए, सीडीएससीओ, एनआईबी, भारतीय फार्माकोपिया आयोग, एनआईपीईआर, राज्य के पदाधिकारियों और एसीएस/प्रधान सचिव सहित अधिकारियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। दो दिवसीय विचार-मंथन सम्मेलन में उपस्थित रहें। इस कार्यक्रम का स्थान शांति वनम, हैदराबाद होगा।

 

Related Articles

Back to top button