ब्रेकिंग
दरभंगा में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, कांग्रेस से है जुड़ा देश के लिए सिर कटा देंगे, लेकिन सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे- केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना PM मोदी पर टिप्पणी कांग्रेस-RJD की निंदनीय हरकत, राहुल गांधी माफी मांगे- भजनलाल शर्मा जम्मू में कुदरत का त्राहिमाम: बारिश से मची तबाही में 45 की मौत, उजड़े सैकड़ों आशियाने… स्कूल-कॉलेज ब... रांची: स्कूल जा रही मां-बेटी को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा, मौके पर ही दोनों की मौत दामाद को पिलाया मिर्च का पानी, कान में डाली तेल से भिगोई रूई, फिर आंखों में झोंका चिली पाउडर… जादू ट... घर में था दोष, दूर करने के लिए दादा ने की पोते की हत्या, शव के टुकड़े कर फेंके… पुलिस की पूछताछ में ... प्रयागराज होकर चलेगी देश की पहली स्लीपर वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस से इतना महंगा होगा किराया, ये ह... दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन में तकनीकी खराबी, ब्लू लाइन पर भी असर… दिखी भारी भीड़, DMRC ने दिया ये अप... मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक… पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना...
देश

तेलंगाना में 4.1 अरब साल पुरानी चट्टान का टुकड़ा मिला 

हैदराबाद । तेलंगाना राज्य के चित्रियल में 4.1 अरब साल पुरानी एक चट्टान का टुकड़ा मिला है। ये टुकड़ा धरती के शुरुआती वर्षों को लेकर नई जानकारी दे सकता है। चट्टान का ये टुकड़ा मौसम रोधी खनिज जिरकोन का बना हुआ है।
प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी, हिरोशिमा यूनिवर्सिटी और नेशनल सेंटर फॉर अर्थ साइंस स्टडीज (एनसीईएसएस) के शोधकर्ता इस बात पर प्रकाश डाल सकते हैं कि धरती के शुरुआती के समय मौजूद रहे केमिकल्स का अंदाजा लगा सकते हैं और इससे धरती के शुरुआती आधे अरब सालों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। जानकारी के मुताबिक, भूवैज्ञानिकों के अनुसार, जब हैडियन युग के दौरान पिघले हुए मैग्मा से पृथ्वी की पपड़ी बन रही थी, तब जिरकोन क्रिस्टलीकृत होने वाले पहले खनिजों में से एक था। यह कठोर और रासायनिक रूप से स्थिर है, जो इसे अपक्षय के लिए प्रतिरोधी बनाता है। इस खोज का हिस्सा रहे एक वरिष्ठ भूविज्ञानी ने कहा कि तेलंगाना में हेडियन जिरकोन की खोज से संकेत मिलता है कि पृथ्वी का प्रारंभिक इतिहास भारत में चट्टानों में छिपा हुआ पाया जा सकता है।
भूवैज्ञानिकों का कहना है कि उस युग के कई अन्य खनिज और चट्टानें नष्ट हो गई हैं, लेकिन भौतिक और रासायनिक लचीलेपन की चरम सीमा के कारण जिरकोन समय की कसौटी पर खरा उतरा है। यही कारण है कि खनिज को पृथ्वी के इतिहास के सबसे विश्वसनीय टाइमकीपर्स में से एक कहा जाता है टीम द्वारा अध्ययन किए गए 612 क्रिस्टल में से केवल छह हैडियन युग के थे। प्रेसीडेंसी भूविज्ञान के प्रोफेसर शंकर बोस ने कहा “यह अहम है। आगे के अध्ययन से हमें पृथ्वी के पहले कुछ सौ मिलियन वर्षों में पानी की उपस्थिति सहित रासायनिक और भौतिक स्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।”
भारत में हाल में हुई एक खोज से कुछ पुरानी एकमात्र खोज 2018 में ओडिशा में हुई थी जहां केंदुझार जिले में टॉनलेटिक चट्टानें मिली थीं। यह खोज 4.2 अरब वर्ष से अधिक पुरानी होने का अनुमान लगाया गया था। इससे पहले 2016 में केरल के वायनाड और 2018 में ओडिशा में बैतरणी नदी में 4 बिलियन  साल से थोड़ा ज्यादा पुराना जिरकोन पाया गया है। पृथ्वी का सबसे पुराना जिरकोन (लगभग 4.4 बिलियन वर्ष) पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जैक हिल में पाया गया था।

 

Related Articles

Back to top button