ब्रेकिंग
Fatehpur Crime News: फतेहपुर में प्रेमी की हत्या कर आरी-ग्राइंडर से काटे शव के टुकड़े; पति-पत्नी ने ... Maharashtra MLC Election: महायुति में सीट बंटवारे के बाद बगावत के सुर; अब्दुल सत्तार समेत कई नेता ना... Purnia Fraud Case: 18 साल पहले खोया बेटा बनकर घर लौटा 'ठग साधु'; लाखों रुपये ऐंठकर हुआ फरार, जानें प... D-Company Terror Module Busted: दाऊद के करीबी मुन्ना झिगाड़ा का भारत में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़; ... CM Yogi in Bijnor: सूर्या चौहान हत्याकांड पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान; बोले- 'दोस्ती की आड़ में... Muzaffarpur Crime News: कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा की गोलियों से भूनकर हत्या; आइकॉन टावर में गैंगवार ... Fire at SPA Delhi: शिक्षा मंत्रालय के ऑफिस में नहीं, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) में लगी... Surya Chauhan Murder Case: गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या हत्याकांड के आरोपी के घर पर चला प्रशासन का ... Iran-Kuwait Conflict: सीजफायर के बीच ईरान का कुवैत पर बड़ा हमला; अमेरिकी बेस बने निशाने, जानें क्यों... Ghaziabad Murder Case: सूर्या चौहान हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा; मामूली बाइक विवाद नहीं, 'प्रेम प्...
मध्यप्रदेश

गर्माने लगा मतदाता सूची का मामला   

जबलपुर । केन्ट बोर्ड मेम्बर चुनाव की घोषणा के बाद से ही मतदाता सूची में बाहर हुये केन्टवासियों का नाम वापस जोड़ने का मुद्दा गर्माता जा रहा है। इसी मामले में सोमवार को बड़ी संख्या में केन्टवासी पूर्व केन्ट बोर्ड उपाध्यक्ष अभिषेक चिंटू चौकसे के नेतृत्व में सड़क पर उतरे।  मतदाता सूची से बाहर किए गए परिवारों के नाम पुन: जोड़े जाने की मांग और टैक्स संबंधी समस्याओं के निराकरण को लेकर केंट बोर्ड कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं आमजनो का जमावड़ा सदर काली मंदिर के पास सुबह ११ बजे से लगना शुरु हो गया। जहां से केंट बोर्ड कार्यालय के लिए जुलूस की शक्ल में कांग्रेस जनों ने कूच किया। जहां केंट बोर्ड कार्यालय के समक्ष मांग पत्र सीईओ अभिमन्यु सिंह को सौंपा।

पूर्व केंट बोर्ड उपाध्यक्ष अभिषेक चिंटू चौकसे ने बताया कि पिछले कई दशक से हमारे पूर्वजों द्वारा यहां पर निवास किया जा रहा है । कई पीढ़ियों से यहां पर निवास कर रहे हैं। उसके बावजूद भी २५००० पच्चीस हजार बगीचा बंगला एरिया के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए। हमारी मांग है केंट इलेक्ट्रोल तनसम में संशोधन किया जाए। २५००० मतदाताओं के नाम जोड़े जाएं। उसके बाद कैंट बोर्ड के चुनाव कराया जाए। वहीं केंट बोर्ड पूर्व में हर तीन साल में टैक्स असिस्मेंट करता था। लेकिन अब हर साल टैक्स दरों का पुन: निर्धारण किया जा रहा है। जिसका बोझ सीधे आम नागरिकों पर पड़ रहा है। वहीं आपत्तियों पर सुनवाई तक नहीं हो रही है। इस अवसर पर पूर्व केंट बोर्ड मेंबर अमर चंद बावरिया,राजीत यादव,किरण ठाकुर, राहुल रजक आदि उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button