ब्रेकिंग
Strait of Hormuz Updates: क्या है होर्मुज का नया सर्विस प्रोटोकॉल? जहां से होती है दुनिया की 20% तेल... Indore Honeytrap Case: इंदौर हनीट्रैप मामले में बड़ा एक्शन; श्वेता विजय जैन समेत 7 आरोपी भेजे गए जेल PoK Terror Network: 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद PoK में फिर सक्रिय हुआ लश्कर; हाफिज सईद के बेटे ने पूर्व ... Supreme Court Judgement: सैनिटरी पैड और शौचालय की कमी से पढ़ाई न छोड़ें लड़कियां; सुप्रीम कोर्ट की क... Delhi Metro Monday: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने फिर किया मेट्रो और बस से सफर; सचिवालय पहुंचकर की ख... महंगाई पर सियासत: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा तंज— 'इन्फ्लेशन मैन' किस्तों में काट रहे जनता की ... Delhi Gymkhana Club: दिल्ली का ऐतिहासिक जिमखाना क्लब होगा बंद! केंद्र सरकार ने 5 जून तक परिसर खाली क... Kanpur ITBP Jawan Case: कानपुर में ITBP जवान की मां का हाथ काटने का मामला; दूसरी जांच में दोनों अस्प... Jaisalmer Dumping Yard: जैसलमेर के बड़ाबाग डंपिंग यार्ड में खुले में मिले मृत गोवंश; लोगों में भारी ... भारतीय अर्थव्यवस्था: सिडबी के स्थापना दिवस पर बोलीं वित्त मंत्री— भारत में डर का माहौल बनाने की कोई ...
उत्तरप्रदेश

इस साल 45 लाख ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को मिलेगा रोजगार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पर काम शुरू

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में 2.83 लाख नए महिला स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे। प्रत्येक परिवार की महिला को औसतन मासिक सात से आठ हजार रुपये की आय अर्जित कराने का लक्ष्य है।

प्रदेश में 45 लाख ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को इस साल दिसंबर तक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में 2.83 लाख नए महिला स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे। प्रत्येक परिवार की महिला को औसतन मासिक सात से आठ हजार रुपये की आय अर्जित कराने का लक्ष्य है।

प्रदेश में मिशन के तहत 6.93 लाख महिला स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं। प्रत्येक समूह में 11 महिला सदस्य होत हैं। प्रदेश में कुल 72 लाख महिलाएं समूहों से जुड़ी हैं। सरकार ने वर्तमान वर्ष में 2.83 लाख नए समूह गठित करने और 45 लाख परिवारों को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया है। 31.13 लाख महिलाओं को नए समूहों से जोड़ा जाएगा। शेष 13.87 लाख परिवारों को पहले से संचालित समूहों में जोड़ा जाएगा।

भाजपा के संकल्प पत्र में एक परिवार के एक सदस्य को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का संकल्प लिया गया है। मिशन के अधिकारी ने बताया कि इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में पहले चरण में 45 लाख परिवारों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य शुरू किया गया है। दिसंबर 2023 तक इस लक्ष्य को पूरा करना है। इस साल के अंत तक समूहों से कुल 1.17 करोड़ महिलाएं जुड़ जाएंगी।

इनका कहना है

इस साल 45 लाख परिवारों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है। मिशन ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
-सी. इंदुमति, निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन

ये हैं समूह की बड़ी उपलब्धियां

58 हजार बैंकिंग सखी बनाई गई हैं। बीसी सखी ग्रामीणों को घर पर ही बैंकिंग सुविधा मुहैया करा रही है
विद्युत सखी ने 400 करोड़ रुपये का बकाया बिल वसूल कर दिया है। 3.84 करोड़ रुपये कमीशन महिलाओं को मिला हैं
55,357 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय एचएचजी की महिला संचालित कर रही है। छह हजार रुपये मानदेय मिलता है
आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत गांवों में परिवहन सुविधा मुहैया कराने के लिए 453 एक्सप्रेस वाहन संचालित किए जा रहे हैं
बाल विकास एवं पुष्टाहार के लिए टेक होम राशन प्लांट संचालित कर रही है। 204 में से 164 प्लांट स्थापित कर लिए हैं। सूखे राशन का वितरण किया जा रहा है
फार्मर प्रोड्यूर आर्गेनाइजेशन में जोड़ रहे हैं, 28 कंपनी बन चुकी है
बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध की आपूर्ति कर रही है
ऐसे मिलती है सहायता
महिला स्वयं सहायता समूह गठित करने के बाद समूह को 2500 रुपये स्टार्टअप फंड दिया जाता है। समूह गठित होने के तीन महीने बाद 15 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड दिया जाता है। छह महीने बाद एख लाख रुपये सामुदायिक निवेश निधि दी जाती है ताकि समूह अपना कामकाज शुरू कर सके। समूहों को उनके उत्पाद के उत्पादन के लिए बैंक से ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।

 

Related Articles

Back to top button