ब्रेकिंग
नाम के आगे 'शंकराचार्य' कैसे लगाया? मेला प्रशासन के नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का करारा जवाब,... सुखबीर बादल का CM मान पर बड़ा हमला: बोले- मुख्यमंत्री में लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं, वादों ... कातिल चाइना डोर का कहर! युवक के चेहरे और नाक पर आए दर्जनों टांके, मौत के मुंह से बचकर लौटा पीड़ित Jalandhar Crime: रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी, 9 लोगों पर FIR दर्ज; जानें जालंधर में ठगी का पूरा म... भगवंत मान सरकार के रोजगार के दावे फेल! पंजाब में फैला फर्जी ट्रैवल एजेंटों का मकड़जाल, विदेश भेजने क... Drug Smuggling Case: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद; 2 तस्करों को रंगे हाथों ... शिक्षा क्रांति के दावों की खुली पोल! सरकारी स्कूलों में लेक्चरर्स का टोटा, बिना एक्सपर्ट्स के कैसे प... Ludhiana Weather: कोहरे की सफेद चादर में लिपटा लुधियाना, 22 और 23 जनवरी को आंधी-बारिश का डबल अटैक; म... आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका! 45 निजी अस्पताल योजना के पैनल से बाहर, इलाज के लिए दर-दर भटकने क... Haryana Agniveer Quota: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस सरकारी भर्ती में मिलेगी प्राथ...
देश

ढह गए लोकतंत्र की तीन स्तंभ, न्यायपालिका से ही बची उम्मीद : उद्धव ठाकरे

मुंबई : पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नहीं बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने आकार दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के तीन स्तंभ ढह गए हैं। मीडिया के हाथ में कलम की जगह कमल है। केवल न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट की उम्मीद बची है। न्यायपालिका न्याय का पतन नहीं होने देगी।

उन्होंने पूछा, जब भाजपा ने रथयात्रा शुरू की थी तो हमने उनका समर्थन किया था। उनके पास केवल दो सांसद थे। लेकिन जब सरकार का गठन होना था और वे जयललिता और अन्य से समर्थन चाहते थे, तो अन्य दलों ने धर्मनिरपेक्षता के लिए आडवाणी के चेहरे का विरोध किया और अटल प्रधानमंत्री बने। तो किसने हिंदू धर्म, शिवसेना या भाजपा को छोड़ा?

ठाकरे ने कहा, किसान मोर्चा नासिक से मुंबई आ रहा है। उनके विरोध पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे पहले भी किसानों ने मार्च निकाला था। इस दौरान आदित्य ठाकरे उनसे मिलने गए थे। लेकिन अब तक इस सरकार की तरफ से कोई भी बात करने नहीं गया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे अपनी मांगों के लिए इतनी दूर आ रहे हैं। सीएम और डिप्टी सीएम को उनके पास जाना चाहिए और उनसे बात करनी चाहिए।

Related Articles

Back to top button