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उत्तरप्रदेश

नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लोगों से 21 लाख की ठगी, जांच में जुटी पुलिस

महोबा| महोबा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सचिवालय लखनऊ में अच्छी जान पहचान की बात कहकर एक युवक ने तीन लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर 21 लाख रुपये की ठगी कर ली। महोबा कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच शुरू की हैं।

जल विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा

सुभाषनगर निवासी कोमल सिंह ने बताया कि वह बम्हौरीकाजी थाना कबरई का मूल निवासी है और वर्तमान में सुभाषनगर में बलराम कुशवाहा के मकान में एक अन्य व्यक्ति के साथ किराए पर रहता है। जो अपना नाम रोबिन सिंह यादव निवासी कानपुर बताता था। रोबिन ने कहा कि वह उसकी पत्नी अर्चना सिंह की जल विभाग में क्लर्क की नौकरी लगवा सकता हैं।

13 मार्च तक नियुक्ति पत्र देने का किया वादा

इसी तरह महेश की पत्नी शिखा निवासी श्रीनगर व शिवम सिंह निवासी खुरहंड बांदा को भी नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। सभी लोगों से प्रति नौकरी का 5,25,000 के हिसाब से कुल 21 लाख रुपये अपने पास नौ मार्च को जमा करा लिया। कोमल सिंह ने बताया कि वह 10 मार्च को कानपुर चला गया। 11 को वापस आया और कहा कि 12 मार्च की रात सभी लोग साथ में चलेंगे और 13 मार्च को नियुक्ति पत्र मिल जाएगा।

पुलिस ने धोखाधड़ी में दर्ज किया मुकदमा

12 मार्च को रोबिन ने कहा कि जोनल आ रहे हैं उनके साथ वह जा रहा है, शाम तक वापस आ जाएगा। इंतजार किया गया लेकिन वह फिर वापस नहीं आया। इसके बाद सभी लोग कानपुर उसके पते पर मिलने गए लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। पूछताछ करने पर अमित पाल जो जल विभाग जोन-2 किदवईनगर कानपुर में कार्यरत है उसने बताया कि आरोपित रोबिन ठेकेदार गोपाल मिश्रा निवासी यशोदानगर का साला हैं। यह चकेरी कानपुर में रहता हैं। सभी लोग 14 मार्च को वहां गए थे। वहां गोपाल मिश्रा मिले और बताया कि उसका कोई साला नहीं है। कोमल सिंह की सूचना पर पुलिस ने रोबिन सिंह यादव उर्फ आशीष के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच शुरू की है।

 

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