केंद्रीय कक्ष में पीएम का भाषण…बाहर विपक्ष का प्रदर्शन, कुछ ऐसा था संविधान दिवस समारोह का नजारा

संसद के केंद्रीय कक्ष में मंगलवार की सुबह 11 बजे संविधान दिवस समारोह शुरू हुआ तो कांग्रेस समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने इसका बहिष्कार किया और सभागार में उनका कोई नेता मौजूद नहीं था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कक्ष में पहुंचे लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राज्यसभा में विपक्ष केे नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी तथा अन्य विपक्षी नेता नहीं आये।
दरअसल सभी विपक्षी दलों ने सत्ताधारी दल भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। इन नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के माजिद मेनन, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, द्रमुक के ए राजा, बहुजन समाज पार्टी के शफीकुरर्हमान बकर्, नेशनल कांफ्रेंस के हसनैन मसूदी समेत अन्य नेता शामिल थे। इन नेताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जिस पर ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘संविधान बचाओ’ आदि नारे लिखे हुए थे।
इन नेताओं ने संविधान की प्रति के अलग-अलग हिस्सों को पढ़कर सुनाया। जिसे वहां उपस्थित लोगों ने बड़े ध्यान से सुना। प्रतिमा स्थल पर काफी अधिक भीड़ जमा हो गयी थी जिसमें नेताओं, सांसदों के अलावा संसद भवन के अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। इससे पहले इन नेताओं ने 26/11 के मुंबई हमले में शहीद जवानों की याद में कुछ देर मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
वहीं केंद्रीय कक्ष में अग्रिम तीन कतारों में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, एस. जयशंकर, स्मृति ईरानी एवं अन्य मंत्री तथा राज्यसभा और लोकसभा में विभिन्न दलों के संसदीय नेता बैठे दिखे। समारोह में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, आम आदमी पार्टी तथा वामदलों के सदस्य मौजूद नहीं थे। मंच पर राष्ट्रपति के साथ एक ओर लोकसभा अध्यक्ष और दूसरी तरफ उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्री आसीन थे। मंच पर नायडु के सहायक राज्यसभा के मार्शल ने टोपी नहीं पहनी थी जबकि बिरला के सहायक लोकसभा के मार्शल परंपरागत ड्रेस के साथ टोपी लगाये हुए थे।
कई सदस्य समारोह में देर से पहुंचे तो मार्शल उनके लिए रिक्त सीट तलाश करते नजर आये और उन्होंने सदस्यों को बैठने में मदद की। कई सांसदों ने अपने मोबाइल फोन से मंच की तस्वीरें लीं। मंच पूरी तरह से फूलों से सजा था और दो सीटें रिक्त थीं। मोदी के भाषण के दौरान कबूतर का जोड़ा केंद्रीय कक्ष के गुम्बद के भीतर उड़ता रहा और कुछ देर के बाद बाहर चला गया। केंद्रीय कक्ष की विशिष्ट दीर्घा में पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाइक मौजूद थे। समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने राज्यसभा के 250 वें सत्र के उपलक्ष में एक पुस्तिका, एक डाक टिकट तथा 250 रुपये के एक स्मारक सिक्के का लोकार्पण भी किया। उन्होेंने इस मौके पर राष्ट्रीय युवा संसद के पोटर्ल तथा संविधान दिवस की एक डिजीटल दीर्घा का उद्घाटन भी किया। ….समारोह संपन्न होने के बाद तथा रवाना होने पहले राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अग्रिम कतार में बैठ गणमान्य लोगों से मिले और उनसे हाथ मिलाया।