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मोदी सरकार 2.0 को झटका, अमेरिका ने खत्म किया भारत का GSP दर्जा

वाशिंगटन/ नई दिल्लीः अमेरिका ने भारत को दिए गए तरजीही व्यापार व्यवस्था वाले देश का दर्जा समाप्त कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा यह जानकारी दी गई। ये नियम 5 जून से लागू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रंप के बेहद करीबी और मजबूत रिश्ते के बावजूद अमेरिका ने यह कदम उठाया। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि उन्हें भारत से ये आश्वासन नहीं मिल पाया है कि वह अपने बाजार में अमेरिकी उत्पादों को बराबर की छूट देगा। उनका कहना है कि भारत में पाबंदियों की वजह से उसे व्यापारिक नुकसान हो रहा है।

एक अधिकारी ने कहा कि मार्च में ही तय हो गया था कि अमेरिका भारत के साथ तरजीही व्यापार व्यवस्था खत्म करेगा। हालांकि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल से अमेरिका को बहुत उम्मीदें और आगे दोनों देश मिलकर कैसे काम करते हैं यह जरूरी है।

जीएसपी प्रोग्राम साल 1970 को शुरू हुआ था, तभी से भारत इसका लाभ उठा रहा है। भारत इसका सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है। इस फैसले का भारत पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। यह कार्यक्रम अमेरिका का सबसे बड़ा और अमेरिकी व्यापारिक वरीयता कार्यक्रम (यूएस ट्रेड प्रेफरेंस प्रोग्राम) है। इसकी सूची में शामिल देशों के हजारों उत्पादों को अमेरिका में कर-मुक्त छूट की अनुमति देकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था

क्या होगा भारत पर असर?
अमेरिका के जीएसपी कार्यक्रम में शामिल लाभार्थी देशों को उत्पादों पर अमेरिका में कोई आयात शुल्क नहीं देना पड़ता। इस कार्यक्रम के तहत भारत को 5.6 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपए) के निर्यात पर छूट मिलती है। कार्यक्रम से बाहर होने के बाद भारत को ये लाभ नहीं मिलेगा।

इससे पहले मार्च में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत एक उच्च शुल्क वाला देश है, और अब उन्हें (ट्रंप को) पारस्परिक कर (रैसीप्रोकल कर) चाहिए या फिर कम से कम कोई अन्य कर। वाशिंगटन डीसी के मैरीलैंड में आयोजित कंजर्वेशन पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (सीपीएसी) को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ये बात कही थी। उन्होंने कहा था, “भारत एक उच्च शुल्क वाला देश है। वो हमसे बहुत शुल्क लेता है।”

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