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मध्यप्रदेश

नए शैक्षणिक सत्र में कापी-किताबों के दाम में 30-35 प्रतिशत बढ़ोतरी

भोपाल ।  नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों के अभिभावकों पर महंगाई की मार अधिक है। नए सत्र में स्कूल ड्रेस, किताबें और छात्रों के स्कूल परिवहन का खर्च 25 से 35 फीसदी तक बढ़ गया है। शहर के अधिकतर स्कूलों में 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। हर साल नए सत्र में अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए किताब, कापी के साथ स्कूल ड्रेस खरीदना पड़ती है। स्कूल वाहनों की फीस में भी 20 से 25 फीसदी की वृद्धि हुई है।

स्कूल परिवहन भी 15 प्रतिशत तक महंगा
शहर के कुछ स्कूलों को छोड़ दे तो ज्यादातर स्कूलों में प्राइवेट ट्रांसपोर्टर से ही बस की सुविधा बच्चों को दी जा रही है। इसके साथ ही ऑटो और वैन से भी बच्चे स्कूल तक पहुंचते हैं। पिछले सत्र के मुकाबले इस बार स्कूल परिवहन भी 15 प्रतिशत तक महंगा पडऩे वाला है। स्कूल बस चालकों ने बताया कि डीजल के दाम काफी अधिक बढ़ चुके हैं। ऐसे में दाम तो निश्चित ही बढ़ेंगे, अभी स्कूल वालों के साथ बैठक नहीं हुई है। दाम वही तय करेंगे। ऑटो रिक्शा चालक ज्ञान तिरोल ने बताया कि ऑटो में एक बच्चे पर 400 से 500 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं। अभिभावक रश्मि गोलानी ने बताया कि पहले बेटा 2200 रुपए में बस से स्कूल जाता था, इस बार तीन हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। इसे कम होना चाहिए।

किताबों के साथ कापियां भी महंगी
पिछले दो साल से साल से कागज के दाम काफी बढ़ गए हैं। इससे निजी प्रकाशक ने भी किताबों के दाम बढ़ा दिए हैं। एक विक्रेता ने बताया कि कागज के भाव बढऩे से इस साल पुस्तकें 30 से 35 फीसदी भाव बढ़े हैं। इस वर्ष निजी पब्लिशर्स की किताबें 30 फीसदी तक महंगी हुई हैं। पहले किताबों का जो सेट एक हजार रुपए का था, अब वह 1500 रुपए तक मिल रहा है। इसी तरह से 172 पेज की जो कॉपी पहले 30 रुपए की थी, वो अब 35 से 40 रु. की पड़ रही है।

बच्चों की ड्रेस भी महंगे
स्कूल ड्रेस बेचने वाले नफीस ने बताया कि कपड़ा काफी महंगा हो चुका है। पहले ड्रेस बनाने में लगने वाला जो कपड़ा 52 रुपए मीटर आता था वो अब 70 से 80 रुपए मीटर हो चुका है। ऐसे में ड्रेस के दाम में पिछले साल की तुलना में इस बार 25 से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एक सेट ड्रेस में एक शर्ट, पेंट, मोजा, टाई और बेल्ट शामिल रहते हैं। इसके लिए 1200 से 1500 रुपए तक चुकाना पड़ रहे हैं। स्कूल ड्रेस बेचने वाले नफीस ने बताया कि कपड़ा काफी महंगा हो चुका है। पहले ड्रेस बनाने में लगने वाला जो कपड़ा 52 रुपए मीटर आता था वो अब 70 से 80 रुपए मीटर हो चुका है। ऐसे में ड्रेस के दाम में पिछले साल की तुलना में इस बार 25 से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एक सेट ड्रेस में एक शर्ट, पेंट, मोजा, टाई और बेल्ट शामिल रहते हैं। इसके लिए 1200 से 1500 रुपए तक चुकाना पड़ रहे हैं। पहले यह ड्रेस 800 से 1000 रुपए में पड़ती थी।

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