ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
देश

साइबर ठग पहले आपके खाते में पैसा डालते हैं, फिर गलती से गए कहकर लोगों को चूना लगा रहे 

नई दिल्‍ली । अगर आप भी लेनदेन करने के लिए डिजिटल पेमेंट करते हैं, तब आपको सतर्क होने की जरूरत है। साइबर ठगों ने यूपीआई पेमेंट करने वाले यूजर्स का खाता खाली करने को अब नया तरीका निकाला है। आपको जानकार हैरानी होगी कि मुंबई में 16 दिनों में ही ठगी के इस नए तरीके से 81 लोगों के खाते से 1 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। जालसाज पैसे भेजने का झांसा देकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। यूपीआई पेमेंट आज भारत में सबसे ज्यादा ऑनलाइन पमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाला पेमेंट गेटवे है। यूपीआई की लोकप्रियता के साथ-साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी भी बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, साइबर ठग पहले यूपीआई यूजर्स को पैसे ट्रांसफर करते हैं। फिर वे यूजर को कॉल करके बताते हैं, कि उसके अकाउंट में उससे गलती से पैसे ट्रांसफर हो गए हैं। वे पैसा वापस अपने पास भेजने का निवेदन करते हैं। उनकी बातों में आकर अगर कोई व्‍यक्ति कॉलर के नंबर पर पैसे भेजता है, तब ठग उसका खाता हैक कर उस खाते से पैसे उड़ा लेते हैं। असल में अगर पीड़ित यूपीआई एप का इस्तेमाल करके पैसे चुकाता है, तब मेलवेयर सॉफ्टवेयर यूजर्स के डिवाइस को इफेक्टेड कर देता है। जिससे स्कैमर को बैंक और केवाईसी जैसे डिटेल पैन और आधार सहित उनके पूरे डेटा तक पहुंच मिल जाती है। इस जानकारी से जालसाज यूजर्स के बैंक अकाउंट को हैक कर पैसे निकलता है।
मुंबई में यूपीआई धोखाधड़ी के 81 मामले सामने आए हैं। पुलिस में इस स्‍कैम का शिकार हुए लोगों द्वारा दर्ज कराई शिकायतों के अनुसार, स्कैमर लोगों को उनके यूपीआई एप जैसे गूगल पे पर पैसे भेज रहे हैं। फिर उन्हें कॉल या मैसेज के जरिए संपर्क करके ये बोल रहे हैं कि ये ट्रांजेक्शन गलती से हो गई है। फिर अनजान कॉलर लोगों से उनके नंबर पर पैसे वापस भेजने की गुजारिश करता है। जैसे ही कोई पैसा वापस भेजता है, तब कुछ समय बाद उसके खाते से पैसे निकलने शुरू हो गए।

Related Articles

Back to top button